{"_id":"67c1450602ad89215c0126cc","slug":"rajasthan-ashok-chandna-spoke-on-samravata-incident-made-serious-allegations-against-the-government-2025-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: समरावता कांड पर बोले अशोक चांदना, न्यायिक जांच और विधानसभा कमेटी की मांग, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: समरावता कांड पर बोले अशोक चांदना, न्यायिक जांच और विधानसभा कमेटी की मांग, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Fri, 28 Feb 2025 10:39 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 28 Feb 2025 10:39 AM IST
सार
समरावता गांव कांड को लेकर पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना ने सरकार पर निशाना साधा। अमर उजाला के साथ खास बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने गांव को जलाया और लोगों पर अत्याचार किया और वही पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला से खास बातचीत में पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना ने समरावता गांव कांड, नरेश मीणा, विधानसभा गतिरोध और मुफ्त योजनाओं को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने समरावता गांव के मामले में न्यायिक जांच और विधानसभा कमेटी बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना ने समरावता गांव कांड को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समरावता गांव को पुलिस ने जलाया, वहां के लोगों को पीटा और मारा गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पुलिस ने यह कृत्य किया, वही इस मामले की जांच कर रही है, ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है?
विज्ञापन
चांदना ने मांग की है कि मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए न्यायिक जांच के साथ-साथ विधानसभा की एक कमेटी भी बनाई जाए, जिसमें विपक्ष के विधायक भी शामिल हों। उनका कहना है कि ऐसा करने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और सच्चाई सामने आ सकेगी।
नरेश मीणा को लेकर उन्होंने कहा कि नरेश मीणा की तो छोटी-मोटी गलती है, लेकिन समरावता गांव की कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि समरावता और नरेश मीणा, दोनों ही पीड़ित हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई नेता जनता के लिए आवाज उठाता है, तो उसे राजनीतिक फायदा उठाने वाला कहा जाता है और अगर वह चुप रहता है, तो उसे निष्क्रिय समझा जाता है। ऐसे में नेताओं को क्या करना चाहिए, यह स्पष्ट होना चाहिए।
चांदना ने सवाल उठाया कि "क्या बाकी नेताओं को समरावता गांव की पीड़ा नजर नहीं आई? क्या उनका दिल नहीं दुखा?" उन्होंने स्पष्ट किया कि "जहां भी अन्याय होगा, वहां आवाज उठाई जाएगी, चाहे उससे राजनीतिक नुकसान हो या फायदा।"
चांदना ने विधानसभा में जारी गतिरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ मंत्रियों को देश के इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, जिन्होंने देश की अखंडता के लिए अपनी जान दी, उनके बारे में ऐसा बोलना केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है।
उन्होंने मांग की कि ऐसे मंत्रियों को अपने शब्द वापस लेने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
मुफ्त योजनाओं पर हो रही आलोचना पर चांदना ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "देश में जो भी पैसा आता है, वह जनता के टैक्स का है। गांव में बैठा व्यक्ति भी माचिस, साबुन या तेल खरीदते समय टैक्स चुकाता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उसी टैक्स के पैसे से उसे कुछ सुविधाएं मिल रही हैं, तो इसमें गलत क्या है?
चांदना ने कहा कि विकसित देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी मूलभूत सुविधाएं मुफ्त हैं, तो भारत में क्यों नहीं? यहां भी आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं मुफ्त मिलनी चाहिए।
आईपीएल को लेकर हो रहे विवाद पर भी अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में किसी भी खिलाड़ी को आउट ऑफ टर्न अपॉइंटमेंट नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। सरकार को या तो अपॉइंटमेंट देनी चाहिए या स्पष्ट कहना चाहिए कि खिलाड़ी उस लायक नहीं हैं।
चांदना के इन बयानों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने न केवल समरावता कांड की निष्पक्ष जांच की मांग की, बल्कि विधानसभा में जारी गतिरोध, मुफ्त योजनाओं पर हो रही आलोचना और आईपीएल विवाद पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।