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राजस्थान में प्रियंका गांधी सबसे सक्रीय-एक महीने में तीसरा दौरा, जानिए क्या हैं इसके मायने
Tue, 24 Oct 2023 08:50 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Tue, 24 Oct 2023 08:50 AM IST
सार
सार-विधानसभा चुनावों के लिए अभी राजस्थान में स्टार प्रचारकों की सूची जारी नहीं हुई है लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इससे पहले ही यहां की कामन अपने हाथ में लेती नजर आ रही है। हिमाचल की तर्ज पर क्या अब राजस्थान भी प्रियंका के जिम्मे कर दिया गया है?
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Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi
- फोटो : Social Media
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विस्तार
विस्तार
कांग्रेस हाई कमान की तरफ से राजस्थान विधानसभा चुनावों की कमान इस बार प्रियंका गांधी संभालती नजर आ रही हैं। यही वजह है कि बीते एक महीने में प्रियंका गांधी यहां दो बड़ी सभाएं कर चुकी हैं और अब 25 अक्टूबर को झुंझुनू में फिर से जनसभा करने जा रही हैं। करीब 4 दिन पहले दौसा पहुंची थीं जहां वे ईआरसीपी के लिए आयोजित जनजागरण अभियान में शामिल हुई थीं। इससे एक महीने पहले प्रियंका ने निवाई में जनसभा की थी। हालांकि विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए अभी स्टार प्रचारकों की सूची जारी होनी है लेकिन प्रियंका गांधी ने यहां ताबड़तोड़ दौर शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि हिमाचल की तरह राजस्थान में विधानसभा चुनावों की बागडोर प्रियंका गांधी के हाथ ज्यादा रहेगी।
पायलट को साधने के लिए प्रियंका जरूरी
दरअसल राजस्थान में प्रियंका गांधी के सबसे ज्यादा सक्रीय होने के कई मायने हैं। प्रदेश में पायलट गुट की बगावत के बाद जो सियासी घमासान मचा था उसे भी काफी हद तक प्रियंका गांधी ने ही कंट्रोल किया था। गहलोत सरकार से बगावत करने के बाद पायलट की कांग्रेस में वापसी प्रियंका गांधी ने ही करवाई। इसके बाद भी जब-जब राजस्थान में गहलोत ओर पायलट के बीच विवाद बढ़ा प्रियंका की उसमें एंट्री हुई। इसके बाद भी गहलोत और पायलट के बीच कडवाहट लगातार बनी रही। कई मौके आए जब पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ खुलकर बयान दिए। इसी साल पायलट ने गहलोत सरकार को अल्टिमेटम तक दे दिया था। इसके बाद भी प्रियंका ने मामले को ठंडा किया। यही वजह है कि राजस्थान में प्रियंका की ज्यादातर सभाओं की जिम्मेदारी पायलट संभाल रहे हैं। निवाई में तो पायलट ने यहां तक कहा था कि जहां-जहां प्रियंका गांधी सभाएं करती हैं वहां कांग्रेस को बड़ा फायदा मिलता है।
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कांग्रेस हाई कमान की तरफ से राजस्थान विधानसभा चुनावों की कमान इस बार प्रियंका गांधी संभालती नजर आ रही हैं। यही वजह है कि बीते एक महीने में प्रियंका गांधी यहां दो बड़ी सभाएं कर चुकी हैं और अब 25 अक्टूबर को झुंझुनू में फिर से जनसभा करने जा रही हैं। करीब 4 दिन पहले दौसा पहुंची थीं जहां वे ईआरसीपी के लिए आयोजित जनजागरण अभियान में शामिल हुई थीं। इससे एक महीने पहले प्रियंका ने निवाई में जनसभा की थी। हालांकि विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए अभी स्टार प्रचारकों की सूची जारी होनी है लेकिन प्रियंका गांधी ने यहां ताबड़तोड़ दौर शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि हिमाचल की तरह राजस्थान में विधानसभा चुनावों की बागडोर प्रियंका गांधी के हाथ ज्यादा रहेगी।
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पायलट को साधने के लिए प्रियंका जरूरी
दरअसल राजस्थान में प्रियंका गांधी के सबसे ज्यादा सक्रीय होने के कई मायने हैं। प्रदेश में पायलट गुट की बगावत के बाद जो सियासी घमासान मचा था उसे भी काफी हद तक प्रियंका गांधी ने ही कंट्रोल किया था। गहलोत सरकार से बगावत करने के बाद पायलट की कांग्रेस में वापसी प्रियंका गांधी ने ही करवाई। इसके बाद भी जब-जब राजस्थान में गहलोत ओर पायलट के बीच विवाद बढ़ा प्रियंका की उसमें एंट्री हुई। इसके बाद भी गहलोत और पायलट के बीच कडवाहट लगातार बनी रही। कई मौके आए जब पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ खुलकर बयान दिए। इसी साल पायलट ने गहलोत सरकार को अल्टिमेटम तक दे दिया था। इसके बाद भी प्रियंका ने मामले को ठंडा किया। यही वजह है कि राजस्थान में प्रियंका की ज्यादातर सभाओं की जिम्मेदारी पायलट संभाल रहे हैं। निवाई में तो पायलट ने यहां तक कहा था कि जहां-जहां प्रियंका गांधी सभाएं करती हैं वहां कांग्रेस को बड़ा फायदा मिलता है।
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