फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Political dispute over milk erupts in Rajasthan Assembly Dotasara and Kirori Lal Meena bickering

Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में ‘दूध’ पर सियासी तकरार, डोटासरा और किरोड़ी लाल मीणा की नोकझोंक से गूंजा सदन

Fri, 27 Feb 2026 04:55 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Fri, 27 Feb 2026 04:55 PM IST
सार

Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में 'दूध' को लेकर नोकझोंक ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया। यह जोरदार बहस कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा और राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच हुई।

विज्ञापन
Political dispute over milk erupts in Rajasthan Assembly Dotasara and Kirori Lal Meena bickering
राजस्थान विधानसभा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान विधानसभा में उस वक्त हल्का-फुल्का लेकिन तीखा सियासी माहौल बन गया, जब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा के बीच संघ, शाखा और ‘दूध’ को लेकर नोकझोंक हो गई। यह संवाद सदन में ठहाकों और मेजों की थपथपाहट के बीच सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

विज्ञापन


'संघ में किसका दूध पिलाते हैं'
डोटासरा ने संघ की शाखाओं का उल्लेख करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल किया कि वहां गाय का दूध पिलाया जाता है या भैंस का। इस पर किरोड़ी लाल मीणा ने पलटवार करते हुए कहा कि वहां रानी लक्ष्मीबाई, तेजाजी, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, सरदार पटेल और लोकमान्य तिलक जैसे महापुरुषों के आदर्शों का दूध पिलाया जाता है। उनके इस जवाब पर सदन में तालियां और मेजों की थपथपाहट सुनाई दी। इसके बाद डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि पहले यह ‘टेस्ट’ कराया जाए कि पंचायती राज और शिक्षा मंत्री भैंस का दूध पीकर बड़े हुए हैं या गाय का। इस बयान से सियासी बहस और तेज हो गई।
विज्ञापन


'हर कोई पीता है अपनी मां का दूध'
इस बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दूध तो हर कोई अपनी मां का ही पीता है और मां लक्ष्मी के समान होती है। जब रिपोर्टर ने मां के नाम का उल्लेख किया तो कुमावत ने दोहराया कि मां का दूध सभी पीते हैं, इसमें किसी प्रकार का भेद नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: अजमेर दरगाह केस में सुनवाई पर कानूनी रोक नहीं, 18 अप्रैल को कोर्ट के सामने पेश होंगे पक्षकार

बयान के निकाले जा रहे सियासी मायने

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष जहां इसे व्यंग्य और तर्क-वितर्क की स्वतंत्रता बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे अनावश्यक मुद्दा करार दे रहा है। विधानसभा में हुई यह बहस भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में शुरू हुई हो, लेकिन इसके सियासी मायने अब दूर तक गूंजते नजर आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed