Rajasthan: बीकानेर में बोले गहलोत- पार्टी में कोई मतभेद नहीं, पुरानी बातें भूलनी होंगी, केंद्र पर निशाना साधा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बातचीत के दौरान मीडिया को भी घेरे में लेते हुए कहा कि मेनस्ट्रीम मीडिया का मौन खतरनाक है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने एक बार फिर अपनी स्पष्टवादिता से चर्चा में आते हुए मीडिया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा कि अब कोई दूरियां नहीं हैं, कोई मतभेद नहीं हैं। अगर आप गुटबाजी की बात करते हैं तो इसका दोष मैं मीडिया को दूंगा। बीकानेर में जब उनसे पूछा गया कि पोस्टरों में सचिन पायलट की तस्वीर नहीं है, तो गहलोत ने इस सवाल को हल्के में लेते हुए कहा कि ये छोटी बातें हैं। कई बार मेरे भी पोस्टर नहीं लगते तो क्या फर्क पड़ता है? मैं इन फोटो के चक्करों में नहीं पड़ता।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: जयपुर की टूटी सड़कों और जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों से चार हफ्तों में मांगा जवाब
मानेसर प्रकरण को लेकर गहलोत बोले- हर घटनाक्रम को याद रखेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे? पुरानी बातें भूलनी होंगी। हमें कांग्रेस को मजबूत करना है। देश को आज कांग्रेस की जरूरत है, तभी लोकतंत्र बचेगा। गौरतलब है कि मानेसर प्रकरण में कांग्रेस के कई विधायक बगावत के मूड में थे। गहलोत ने कहा कि देश में बढ़ता ध्रुवीकरण चिंताजनक है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे हमला करते हुए पूछा- आप अचानक हिंदी को लेकर इतने आक्रामक क्यों हो गए? हिंदी हमारी मातृभाषा है, लेकिन आप इसे दक्षिण भारत के खिलाफ राजनीतिक हथियार क्यों बना रहे हो? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ न होने के कारण वहां हिंदी का मुद्दा उछालकर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की विविध भाषाएं हमारी ताकत हैं, इन्हें बांटने की कोशिश खतरनाक है। अमित शाह जैसे वरिष्ठ नेता अगर ऐसे बयान दे रहे हैं, तो इसका मतलब साफ है कि यह एक सोची-समझी साजिश है।
उन्होंने कहा कि मीडिया की निष्पक्षता खो चुकी है। आजादी के समय मीडिया, बुद्धिजीवी, उद्योगपति, सब देशहित में बोलते थे। आज सब चुप हैं। सोशल मीडिया से काम चलाया जा रहा है। मेनस्ट्रीम मीडिया का मौन खतरनाक है। गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह वक्त देश को बचाने का है, न कि आपसी मतभेदों को बढ़ाने का। उन्होंने दो टूक कहा- हम सबका फर्ज है कांग्रेस को मजबूत करना, तभी लोकतंत्र और संविधान को बचाया जा सकेगा।