फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   JLF 2025 Singer Ila Arun said inclination of youth is increasing towards malls they do not like to go theatres

JLF 2025: सिंगर इला अरुण बोलीं- युवाओं का रुझान मॉल की तरफ बढ़ रहा, थिएटर में जाना पसंद नहीं करते

Sat, 01 Feb 2025 04:38 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 01 Feb 2025 04:38 PM IST
सार

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 'चारबाग' सत्र में 'मेमोरीज फ्रॉम द स्क्रीन एंड स्टेज' विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान मशहूर गायिका और अभिनेत्री इला अरुण ने थिएटर को लेकर अपने अनुभव साझा कीं। साथ ही इस कला के प्रति युवाओं के बदलते रवैये पर चिंता जताई।

विज्ञापन
JLF 2025 Singer Ila Arun said inclination of youth is increasing towards malls they do not like to go theatres
सिंगर इला अरुण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इला अरुण ने कहा कि मेरे लिए थिएटर एक जिंदगी है, एक मंदिर है। मैं रेलगाड़ी से चर्च गेट तक जाती थी, आज भी थिएटर के हालात ठीक नहीं हैं। आज के यूथ का भी थिएटर को सपोर्ट नहीं है। एक हजार रुपये बर्गर और पिज्जा में खर्च कर देंगे। युवाओं का रुझान मॉल की तरफ है। 300 रुपये खर्च करके थिएटर में जाना पसंद नहीं करते। उधर, पिछले 40 साल से सरकार की मदद भी नहीं मिल रही है, जिसके चलते थिएटर आगे नहीं बढ़ रहा है।

विज्ञापन


विज्ञापन


सिंगर इला अरुण ने कहा, 'चोली के पीछे' मेरा सिग्नेचर ट्यून बन चुका है। थिएटर मेरे लिए मंदिर है। सिंगर इला अरुण ने थिएटर से जुड़े अपने अनुभव शेयर कीं। उन्होंने कहा कि 42 साल से मैं अपना काम कर रही हूं, बिना सरकारी मदद के। लेकिन आज मैं यह कहना चाहूंगी कि लोग पिज्जा बर्गर और मॉल में जाकर अपना पैसा और समय बर्बाद करते हैं, लेकिन थिएटर में आना पसंद नहीं करते।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस सत्र में एमके रैना, अंजुला बेदी और आसद लल्लीजी ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि थिएटर एक महत्वपूर्ण कला है, लेकिन इसे बचाए रखने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।

इला अरुण ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, थिएटर मेरे लिए मंदिर है। मैं चाहती हूं कि युवा इसकी ओर आकर्षित हों और इस कला को जीवित रखें। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल इस तरह के सत्र कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed