फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur News: Vice President Jagdeep Dhankhar arrived at the body donor family honor ceremony

Jaipur: बिड़ला ऑडिटोरियम में बोले उपराष्ट्रपति, राष्ट्रहित से ऊपर स्वार्थ रखने वालों को समझना और रोकना जरूरी

Sun, 18 Aug 2024 05:30 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sun, 18 Aug 2024 05:30 PM IST
सार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ रविवार को जयपुर पहुंचे। यहां वे बिड़ला ऑडिटोरियम में देहदानी परिवार सम्मान एवं आभार समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान धनखड़ ने कहा कि राष्ट्र हमारे लिए सर्वोपरि है, जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है। जो राजनीतिक हित और व्यक्तिगत स्वार्थ को ऊपर रखते हैं, उनको हमें समझना चाहिए।

विज्ञापन
Jaipur News: Vice President Jagdeep Dhankhar arrived at the body donor family honor ceremony
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जैन सोशल ग्रुप सेंट्रल संस्थान की ओर से रविवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में देहदानी परिवार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी शामिल हुए। इस दौरान धनखड़ ने कुछ सियासत से जुड़ी बातों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि देखा जा रहा है कि व्यक्तिगत हित और राजनीतिक स्वार्थ को राष्ट्रहित से ऊपर रखा जा रहा है। अच्छे और बड़े पद पर रहने वाले कुछ लोग ऐसा दिखाते हैं कि देश में कुछ भी हो सकता है। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम किसी भी हाल में राष्ट्रीयता को तिलांजलि नहीं देंगे।

विज्ञापन


जिनके लिए स्वार्थ ऊपर, हमें ऐसों को रोकना होगा
धनखड़ ने कहा कि राजनीति में प्रजातंत्र की अपनी खूबी है, लेकिन यह तब तक है, जब तक राष्ट्रहित को तिलांजलि नहीं दे दी जाए। भारतीयता हमारी पहचान है। राष्ट्र हमारे लिए सर्वोपरि है, जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है। जो राजनीतिक हित और व्यक्तिगत स्वार्थ को ऊपर रखते हैं, उनको हमें समझना चाहिए। मैं आपसे अपील करता हूं कि राष्ट्र के विकास के लिए ऐसी ताकतों को हमें रोकना होगा।
विज्ञापन


आपातकाल संविधान पर सबसे बड़ा खतरा था
उपराष्ट्रपति ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान पर सबसे बड़ा खतरा तो आपातकाल था। धनखड़ ने कहा कि आज देश में जितनी तेजी से विकास हो रहा है वह अकल्पनीय है। धनखड़ बोले कि 1989 में मैं केंद्र में मंत्री था। हमने कल्पना भी नहीं की थी कि देश में इस तेजी के साथ विकास होगा। इसलिए मैं आज की पीढ़ी से आह्वान करता हूं कि उन्हें यह देखना चाहिए कि देश में संविधान पर खतरा कब आया था।  उन्होंने कहा- कुछ लोग कहते हैं कि आपातकाल का काला अध्याय चुनाव से खत्म हो गया था। लेकिन ऐसा नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार ने आपातकाल के दिन संविधान हत्या दिवस मनाने की जो पहल की है, वह नई पीढ़ी को आगाह करने के लिए है। ऐसा कालखंड था, जब आपके मौलिक अधिकार समाप्त हो गए थे। सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए थे। कार्यपालिका का तानाशाही रवैया शिखर पर पहुंच गया था। इतिहास में इसका कोई ओर उदाहरण नहीं मिलेगा
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑर्गन ट्रांसप्लांट पैसों के लिए नहीं होना चाहिए
ऑर्गन ट्रांसप्लांट को लेकर उपराष्ट्रपति ने कहा कि  अंगदान मन से और स्वेच्छा से होना चाहिए। पैसों के लिए अंगदान नहीं होना चाहिए। आज मेडिकल का पेशा व्यवसाय बन गया है। कुछ लोगों ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट को पैसे कमाने का जरिया बना लिया है। ऐसे कुछ लोगों की वजह से पूरा प्रोफेशन बदनाम होता है। इन लोगों को हमें एक्सपोज करना चाहिए। उन्होंने कहा- हमारे यहां कई तरह का दान होता है। जो गुप्त होता है। अंगदान ऐसा दान है, जिसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना चाहिए। लोग इसके लिए आगे आएं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed