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Rajasthan News: ‘अवैध कॉलोनियों से आठ सप्ताह में कब्जे हटाए सरकार’, राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा
Wed, 20 Aug 2025 06:49 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 20 Aug 2025 06:49 PM IST
सार
Rajasthan News: राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाब प्रस्तुत होने के बाद उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी जिनकी उपस्थिति में ये अवैध निर्माण हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
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राजस्थान हाई कोर्ट ने दिए आदेश
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
Rajasthan High Court: पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने हाउसिंग बोर्ड की जमीनों पर सांगानेर में बसी 87 कॉलोनियों के नियमन पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी, अभिनव भंडारी और डॉ. टी एन शर्मा, राकेश चंदेल, प्रतिभा बारेसा और भूपेंद्र सिंह राव एडवोकेट ने बताया कि राजस्थान सरकार ने 12 मार्च 2025 को एक आदेश जारी कर सांगनेर की उन सभी कॉलोनियों को नियमित करने का आदेश जारी किया, जिसमें हाउसिंग बोर्ड ने जमीन अवाप्त कर ली थी और उसके बाद अतिक्रमणकारियों ने उन जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया था।
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अधिवक्ता भंडारी ने बताया कि ये 87 कॉलोनियां हैं जो बी-2 बाईपास से सांगानेर के अंदर आती हैं। इन सभी जमीनों को हाउसिंग बोर्ड ने काश्तकारों से खरीदा था और उसके बाद काश्तकारों को उनका भुगतान भी कर दिया था। मगर अधिकारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलीभगत कर उन सभी जमीनों पर कब्जा करवा दिया। अब मिलीभगत करके ही उनका नियमन करवा रहे हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के अभी हाल ही के आदेशों के खिलाफ है।
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उच्च न्यायालय की न्यायाधीश एसपी शर्मा न्यायाधीश और संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने इस नियमन के खिलाफ कड़ी मौखिक टिप्पणी की कि सरकारी जमीनों के कब्जों को कैसे नियमित किया जा सकता है। पीठ ने आदेश दिया कि आठ सप्ताह में समस्त कब्जे हटाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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कोर्ट ने यह भी कहा कि अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाब प्रस्तुत होने के बाद उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी जिनकी उपस्थिति में ये अवैध निर्माण हुए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को उन सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश दिए जाएंगे। खंडपीठ ने 12.03.2025 के आदेश पर रोक लगाते हुए आठ सप्ताह में सभी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई पालन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।