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Jaipur News: मुख्य सचिव ने अफसरों के साथ की बैठक, ACB की जांच के लंबित प्रकरणों को 31 मई तक निपटाने के निर्देश

Tue, 21 May 2024 07:19 PM IST
Sourabh Bhatt सौरभ भट्ट
Updated Tue, 21 May 2024 07:19 PM IST
सार

राजस्थान में लोकसभा चुनावों के नतीजे आने से पहले ही कई पॉवरफुल अफसरों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने राज्य सरकार के पास ऑल इंडिया सर्विसेज के खिलाफ ACB की जांच के लंबित प्रकरणों को 31 मई तक निपटाने के निर्देश दे दिए हैं।
 

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Jaipur News: Chief Secretary Sudhansh Pant gave instructions to settle the pending cases of ACB investigation
ACB की लंबित जांचों पर जल्द होगी कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में सरकार बदलने के साथ ही ACB के राडार पर आए आईएएस अफसर अखिल अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पिछले साल  ACB ने अरोड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 17 ए के तहत सरकार से जांच की अनुमति मांगी थी, लेकिन ऊंचे रसूखात के चतले ये फाइल DOIT महकमें में ही दबा दी गई। 

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अब मुख्य सचिव सुधांश पंत ने निर्देश जारी किए हैं कि ACB की 17 ए के जांच के ऐसे जितने भी प्रकरण कार्मिक विभाग या अन्य विभागों में लंबित हैं, उनका निस्तारण प्राथमिकता से 31 मई तक कर दिया जाए। 
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गौरतलब है कि डीओआईटी के दफ्तर मिले गोल्ड और कैश के मामले में एसीबी में दर्ज एक परिवाद के आधार पर सरकार से अखिल अरोड़ा के खिलाफ 17 ए के तहत जांच की अनुमति मांगी थी। पिछली गहलोत सरकार के कार्यकाल में सरकारी विभाग डीओआईटी के लॉकर में मिले कैश और गोल्ड को लेकर एफआईआर (संख्या 125/2023)  दर्ज की गई थी। 
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एसीबी ने सरकार ने अखिल अरोड़ा के खिलाफ 17ए के तहत जो अनुमति मांगी थी, उसमें इस एफआईआर का हवाला दिया गया था। इसके लिए एसीबी के तत्कालीन डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने 6 अक्टूबर को एक पत्र डीओपी (कार्मिक विभाग) को भेजा था। लेकिन, पहले डीओपी इस पत्र को दबाकर बैठ गया। इसके बाद डीओआईटी में ये फाइल अटक गई और मामले आगे नहीं बढ़ पाया।

बता दें कि तत्कालीन सरकार में डीओआईटी के ऑफिस के लॉकर में गोल्ड और करोड़ों रुपये का कैश बरामद हुआ था। मामले में डीओआईटी के तत्कालीन ज्वाइंट डायरेक्टर वेदप्रकाश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, वेदप्रकाश यादव की स्वीकारोक्ति के बाद बिना जांच किए चालान पेश कर दिया गया था। ऐसे में अब जांच इस आधार आगे बढ़ सकती है कि ये गोल्ड और कैश कहां से आया?

ED भी दर्ज कर चुकी है बयान
कैश और गोल्ड मामले की जांच सिर्फ एसीबी तक ही सीमित नहीं है बल्कि ED भी मामले में जांच कर रही है। ईडी ने इस मामले में 6 अक्टूबर 2023 को ही वेद प्रकाश यादव के खिलाफ PMLA Act-2002 के तहत प्रोसिक्यूशन कंप्लेन दर्ज की थी। मार्च में ईडी की तरफ से जो प्रेस रिलीज जारी की गई थी उसमें यह कहा गया था कि ईडी मामले में एसीबी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर कार्रवाई कर रही है।


ACB में 500 से ज्यादा मामलों की जांच अनुमति के लिए लंबित
राजस्थान में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े कुल 38 हजार से ज्यादा परिवाद ACB को मिले। इनमें से 706 प्रकरण एसीबी ने अनुसंधान की अनुमति के लिए विभागाध्यक्षों को भेजे। विभागों की तरफ से सिर्फ 78 मामलों में अनुमति दी गई, 112 में मनाही कर दी गई और शेष 516 में अनुमति लंबित है।

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