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Jagdish Pareek: राजस्थान-उड़ीसा समेत कई राज्यों में करोड़ों की ठगी का आरोपी दोबारा गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

Sun, 20 Aug 2023 01:45 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sun, 20 Aug 2023 01:45 PM IST
सार

राजस्थान और ओडिशा समेत कई राज्यों में करोड़ों रुपये की ठगी और फ्रॉड का आरोपी जगदीश पारीक दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। कटक जेल में 38 दिन रहने के बाद शनिवार देर रात भुवनेश्वर की नयापल्ली पुलिस ने जगदीश पारीक को अरेस्ट कर लिया है।

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Jagdish Pareek, accused of cheating crores in many states including Rajasthan-Odisha, arrested
जगदीश पारीक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कटक जेल में 38 दिन रहने के बाद नयापल्ली भुवनेश्वर पुलिस ने जगदीश पारीक को चोद्धार जेल, कटक से गिरफ्तार कर लिया। ओडिशा हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए दीप्ति मिश्रा के 10 लाख नकद जमानत राशि जमा करवाने, चालान पेश होने तक हर महीने पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने और चालान के बाद हर तीन महीने में अदालत के सामने पेश होने का आदेश सुनाकर 10 लाख रुपये और स्टाम्प लिया है। लेकिन 38 दिन के बाद कटक जेल से जमानत पर छूटते ही अब भुवनेश्वर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और अपनी हिरासत में ले लिया।

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रोबो स्मार्ट लैब प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जगदीश पारीक को 12 जुलाई को मरकट नगर कटक की पुलिस ने जयपुर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था। नयापल्ली भुवनेश्वर में सुनील पटेल ने 29 जून 2023 को एफआईआर संख्या 284 दर्ज करवाकर खुद के साथ धोखाधड़ी से 30 लाख रुपये हड़पने, फर्जी डिग्रियों, फेक प्रोफाइल, कूट रचित जाली प्रमाण-पत्र की धारा-420, 468, 471 और 34 के तहत आरोपी के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसी के तहत उसे दोबारा से कटक जेल के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया।
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पांच साल में 20 से ज्यादा ऑफिस बदलकर और फर्म-कंपनियां खोलकर अपने पार्टनरों से भी धोखा
जगदीश पारीक हेल्प इंडिया ऑनलाइन फाउंडेशन का भी फाउंडर है, जिस पर आरोप है कि करीब पांच साल में 20 से ज्यादा कार्यालय बदलकर, 20 से ज्यादा फर्म और कंपनियां खोलकर अपने पार्टनरों को धोखा देने से लेकर लाखों निवेशकों को फर्जी न्यूरोसाइंस कोच की डिग्रियां, हेलन किलर और रोबो स्मार्ट लैब की फ्रेंचाइजी देकर करोड़ों रुपये आरोपी ने ठग लिए हैं। आरोपी जगदीश के खिलाफ देश भर के अनेकों राज्यों में एफआईआर दर्ज हैं।
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राष्ट्रवाद के नाम पर इमोशनल ब्लैकमेल करने और शिक्षा के नाम पर फर्जी मानद डिग्रियां दिखाने का आरोप
भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने और जय मां भारती से अपने भाषणों की शुरुआत कर जनता को इमोशनल ब्लैकमेल करके शिक्षा के नाम पर मानद डॉक्टरेट, न्यूरोसाइंस मेटास्किल कोच बनाने के लिए DGT के फेक सर्टिफिकेट, स्कील विभाग और ILD के लोगों का प्रयोग करके फेक प्रमाण-पत्र के साथ खुद की प्रोफाइल में बड़ी-बड़ी संस्थाओं में पदाधिकारी, अमेरिका से शिक्षित और IBM यूनिवर्सिटी से खुद को गोल्ड मेडलिस्ट ये आरोपी बताता था। इसकी प्रोफाइल में पिता को राजस्व अधिकारी बताया हुआ है, जबकि वो नागौर जिले के जायल में अर्जी निवेश ही थे।

जयपुर में भी शिप्रा पथ, श्याम नगर और चित्रकूट थाने में दर्ज है FIR
जयपुर में शिप्रा पथ, श्यामनगर और चित्रकूट थाने में दर्ज FIR के अलावा देश में अनेकों जगह आरोपी के खिलाफ परिवाद शिकायतें दर्ज हैं। इससे पूर्व जयपुर में एक पीड़ित महिला वीनू सिसोदिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पुलिस महानिरीक्षक सहित अधिकारियों को पत्र लिखकर श्याम नगर पुलिस थाने में 29 अक्टूबर 2022 को दर्ज FIR संख्या 540/22 की निष्पक्ष जांच का आग्रह किया था। साथ ही लिखा कि मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है। आरोपी जगदीश पारीक के फेक सर्टिफिकेट, फेक प्रोफाइल के विषय में और अन्य लोगों के साथ की जा रही लूट के बारे में भी उन्होंने बताया है। वीनू सिसोदिया ने लिखा कि जगदीश पारीक नामक व्यक्ति के द्वारा दिए गए घोटालों, अवैध नेटवर्किंग व्यवसाय, फर्जी प्रोफाइल और फर्जी सर्टिफिकेट की आड़ में करोड़ों की लूट और फर्जीवाड़े कर चलाए जाने वाले संस्थानों के बारे में पूर्ण सबूत दिए हैं। 

सामाजिक संस्थानों की आड़ में भी बड़ी लूट की जा रही है। इसमें आरोपी के फर्जी संस्थानों के बारे में भी बताया है। यूपीआई वॉलेट, बैंक खाते खोलना और बंद करना इसका मुख्य कार्य है। इनकी जांच अति आवश्यक है। सिसोदिया ने लिखा कि ये भी जांच करवाएं कि इनको किसका संरक्षण मिला हुआ है। लगातार इतनी शिकायतों के बाद भी जगदीश पारीक आज भी क्रिप्टो करेंसी, अवैध नेटवर्किंग व्यवसाय, फर्जी सामाजिक पद, अवैध सामाजिक संस्थानों को खोलकर सोशल मीडिया के मार्फत जमकर प्रचार और लूट करता है। DGT, MSME और ILD के साथ फर्जी मानद डॉक्टर डिग्रियों का फर्जीवाड़ा खुले आम कर रहा है। इन सभी को इन विभागों ने अपनी वेबसाइटों में डालकर जाली प्रमाण-पत्र घोषित किया है, लेकिन ये नाम बदलकर डिग्रियां आज भी बांट रहा है।

प्रोफाइल में माई स्कूल इटली का निदेशक, 100 बच्चों को जीनियस वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बनाने वाला बताया
जगदीश पारीक ने अपनी खुद की प्रोफाइल में माई स्कूल इटली के निदेशक, 100 बच्चों को जीनियस वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बनाना वाला, 16 पुस्तक लिखकर भारत सरकार में लागू करवाने और न्यूरोसाइंस व मेटास्कील का हिमाचल सरकार का रिसर्चर, जैसी अनेकों बड़ी बड़ी बातें लिखीं। वीनू सिसोदिया ने बताया कि साल 2018 में मेरे सहित 100 फ्रेंचाइजी देकर करोड़ों की लूट आरोपी ने की है। उसके बाद इस व्यक्ति हिम्मत बढ़ती गई। नई फर्म, नया पार्टनर, नई संस्था, नया पद, नया पुरस्कार, नया कार्यालय बना-बना कर लाखों व्यक्तियों को यह ठग चुका है। 

देश भर के बड़े-बड़े नाम को अपने साथ सोशल मीडिया पर फ़ोटो लगाकर भारत को पुनः विश्व गुरु बनाना है का नारा देकर कभी कॉपरेटिव सोसायटी में, कभी आई मेमोरी स्कूल फाउंडेशन में, कभी हेलेन किलर की फ्रेंचाइजी के नाम पर, कभी आई ब्रेन रिसर्चर सेंटर, कभी सबल भारत, कभी DMIT से ब्रेन का पता करके काउंसलिंग रिपोर्ट देना, कभी हेल्प इंडिया ऑनलाइन फाउंडेशन में मदद, नि:शुल्क शिक्षा, सिटी हेड के फायदे, हर माह रॉयल्टी स्कीम, कभी रोबोटिक्स लैब के नाम पर कभी रिटजी स्कूल, कभी अमेज़ॉन की गलेरी, कभी खुद के प्रोडक्ट की होम गैलरी, कभी न्यूरोसाइंस की ट्रेनिंग के नाम पर कभी मानद डॉक्टर डिग्री के नाम पर असंख्य फ़्रॉड खुले आम वर्तमान डिस्काउंट मार्ट प्राइवेट लिमिटेड के मार्फत क्रिप्टो करेंसी और स्कीमों के जाल फ़ेंककर देशभर में खूब ठगी चल रही है।

हेल्प इंडिया और खुद की प्रोफाइल को सोशल मीडिया में डालकर, ज़ूम मीटिंगों में बताकर लाखों व्यक्तियों के साथ करोड़ों की लूट आरोपी कर चुका है। जगदीश पारीक पिछले पांच वर्षों में अब तक 20 कंपनियां या फर्म खोलकर बंद कर चुका है। 15  अपने पार्टनर या निदेशकों को फंसाकर लूट की जा चुकी है और 20 से ऑफिस बदल लिए। मेरी तरह लाखों लोगों को यह ठग चुका है, पुलिस मदद की बजाय सरंक्षण देने जैसा कार्य कर रही है। आए दिन आईपीएस अधिकारियों के साथ, बड़े अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के साथ फोटो डालता है। दो लाख 50 हज़ार से ज्यादा न्यूरोसाइंस के सर्टिफिकेट, 1000 से ज्यादा फ्रेंचाइजी और एक लाख से ज्यादा नेटवर्किंग में लोगों को जोड़कर भी इसके द्वारा बांटे गए लाखों प्रमाण पत्र और हज़ारों फ्रेंचाइजी से एक भी व्यक्ति कोई भी लाभ ले रहा है या रोजगार प्राप्त है, तो उस व्यक्ति का पुलिस बयान अवश्य ले। 


वीनू सिसोदिया ने बताया कि शिप्रा पथ में जगदीश पारीक के द्वारा ब्लैकमेलिंग के शिकार हो चुके पवन पारीक ने FIR दर्ज करवाई है। इसी तरह की एक चित्रकूट पुलिस थाना में FIR 07-10-22 को 441/22 हो रखी है। वीनू सिसोदिया ने लिखा है कि मुझे पहले ही लाखों का नुकसान हो चुका है, कानूनी लड़ाई लड़ने या कानूनी फीस देने की मेरी क्षमता नहीं है, लेकिन एक पीड़ित महिला की गुहार सुनें और इस फ़्रॉड की निष्पक्ष जांच करवाएं जयूर मेरे रुपये दिलाये। 100 पेज सबूत भी संलग्न किए हैं।

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