International Women's Day: सिनेमा में महिलाओं के योगदान पर आईफा में जश्न, माधुरी और गुनीत मोंगा ने बताए अनुभव
International Women's Day: जयपुर में आयोजित दो दिवसीय आईफा अवार्ड्स समारोह में शामिल होने पहुंचीं अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, फिल्म निर्माता गुनीत मोंगा और आईफा की वाइस प्रेसिडेंट नोरीन खान ने महिला दिवस पर अपनी बातें रखी। क्या कुछ कहा, आइये जानते हैं।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आईफा (IIFA) ने अपनी सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन के तहत जयपुर में एक विशेष इवेंट आयोजित किया। ‘द जर्नी ऑफ वुमन इन सिनेमा’ नामक इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और ऑस्कर विजेता निर्माता गुनीत मोंगा ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं की भूमिका, उनके सामने आने वाली चुनौतियों और उनके बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। इस संवाद को आईफा की वाइस प्रेसिडेंट नोरीन खान ने होस्ट किया।
महिलाओं के किरदार हुए मजबूत: माधुरी दीक्षित
माधुरी दीक्षित ने अपने 39 साल लंबे फिल्मी सफर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय के साथ सिनेमा में महिलाओं की भूमिका काफी बदली है। उन्होंने कहा, ‘अब महिला किरदार केवल सहायक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कहानी का केंद्र भी बन रही हैं।’ उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज के दौर में महिलाओं को फिल्मों में मजबूत और विविध भूमिकाएँ निभाने का अवसर मिल रहा है, जो सिनेमा में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।
मेल-फीमेल पेमेंट गैप पर बोलीं माधुरी
माधुरी दीक्षित ने कहा कि पहले के मुकाबले मेल और फीमेल एक्टर्स की पेमेंट में अंतर काफी कम हुआ है, लेकिन अभी भी इसमें सुधार की जरूरत है। उन्होंने इस बदलाव को सकारात्मक बताया, लेकिन यह भी माना कि अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।
शादी के बाद करियर और फैमिली को संतुलित किया
अपने करियर और पर्सनल लाइफ को लेकर माधुरी ने कहा, "शादी के बाद मैंने अपनी जिंदगी को अच्छे से जिया है। मेरे पति बहुत सपोर्टिव हैं। फैमिली और हाउस हसबैंड के साथ रहना किसी सपने जैसा लगता है।" उन्होंने बताया कि उन्हें करियर में कई बेहतरीन रोल निभाने का मौका मिला, जिनमें मृत्युदंड जैसी आर्ट फिल्म भी शामिल है, जो उनके लिए बेहद खास रही।
सोशल मीडिया स्टारडम पर दी अपनी राय
आज के दौर में सिर्फ मूवी स्टार्स ही नहीं, बल्कि ट्विटर, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया स्टार्स का भी बोलबाला है। माधुरी ने कहा कि उन्हें रील बनाना पसंद है और वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं।
महिला नेतृत्व और सफलता की कहानी: गुनीत मोंगा
गुनीत मोंगा ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने संघर्ष और ऑस्कर जीतने के सफर को साझा करते हुए भारतीय सिनेमा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "महिला नेतृत्व सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब हम निर्माण, निर्देशन और प्रोडक्शन में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं और इंडस्ट्री में उनके योगदान को अब अधिक मान्यता मिल रही है।
आईफा का संकल्प 'हर आवाज होगी सुनी': नोरीन खान
आईफा की वाइस प्रेसिडेंट नोरीन खान ने इस मौके पर कहा, आईफा के 25 साल पूरे होने के अवसर पर, हम सिनेमा और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘द जर्नी ऑफ वुमन इन सिनेमा’ केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। उन्होंने यह भी कहा कि जब हम हिम्मत, रचनात्मकता और नेतृत्व की कहानियाँ साझा करते हैं, तो हम केवल सफल महिलाओं का जश्न नहीं मनाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते हैं।
नए दौर की ओर बढ़ता भारतीय सिनेमा
यह कार्यक्रम भारतीय सिनेमा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके प्रभाव को उजागर करने वाला रहा। माधुरी दीक्षित और गुनीत मोंगा के प्रेरणादायक शब्दों ने इस बात को और पुख्ता किया कि भारतीय सिनेमा बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मौजूद दर्शकों ने भी इस संवाद को प्रेरणादायक बताया और ‘मैं बदलाव ला सकती हूँ’ के संकल्प को एक सामूहिक शक्ति के रूप में अपनाने का संदेश दिया।