Rajasthan: जब अचानक धंस गई सड़क, तो देखते ही देखते हो गया 15 फीट गहरा और 12 फीट चौड़ा गड्ढा; MI रोड हुई जाम
Rajasthan Weather: देखने वाले हैरान रह गए, जब जयपुर में बारिश की वजह से सड़क पर देखते ही देखते 15 फीट गहरा और 12 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। इसकी वजह से एमआई रोड लंबा जाम लगा रहा। राहत कार्य के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
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राजस्थान में लगातार हो रही बारिश ने शहर की सड़कों की स्थिति बिगाड़ दी है। गांव से लेकर शहर तक अधिकांश जगहों में सड़कों ने दम तोड़ दिया है। गुरुवार को राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल मिर्जा इस्माईल (एमआई) रोड पर गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे के पास अचानक सड़क धंस गई। देखते ही देखते यह गड्ढा 15 फीट गहरा और 12 फीट चौड़ा हो गया, जिसमें सीवरेज का पानी भर गया। इस कारण एमआई रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। वाहनों की लंबी कतारें लगी देखने को मिली।
सड़क को बैरिकेडिंग कर बंद किया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। सड़क को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया और नगर निगम हेरिटेज की टीम को मरम्मत कार्य में लगाया गया। हालांकि कई घंटों बाद भी निगम की टीम गड्ढे से पानी निकालने में सफल नहीं हो पाई थी। इससे शाम के समय व्यस्त सड़क पर यातायात रेंग-रेंग कर चला।
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन मोड अपनाते हुए पूरे शहर में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। वर्तमान में जयपुर में 16 बाढ़ नियंत्रण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें नगर निगम हेरिटेज के 3, ग्रेटर के 4 और जेडीए के 9 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर रेस्क्यू टीमें तैनात हैं, जो प्रभावित लोगों को लगातार सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी स्वयं राहत कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व अधिकारी फील्ड में तैनात होकर हालात का आकलन कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और जेसीबी मशीनों व पंप सेट जैसे संसाधनों की मदद ली जा रही है।
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फसलों के नुकसान का सर्वे जारी
अतिप्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। जरूरतमंद परिवारों को राशन किट और फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। कोटखावदा क्षेत्र में विशेष अधिकारी की तैनाती कर राहत कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले इलाकों में चेतावनी बोर्ड और लाउडस्पीकर से लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
साथ ही प्रशासन किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कर रहा है ताकि जल्द से जल्द मुआवजा जारी किया जा सके। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है और आमजन से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं।
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