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Food Conference In Durgapura: डिप्टी सीएम बैरवा बोले- कुपोषण खात्मे के लिए थाली का हिस्सा बने मिलेट्स
Fri, 29 Dec 2023 04:58 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 29 Dec 2023 04:58 PM IST
सार
Food Conference In Durgapura: राजस्थान डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा, किसानों को गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने की जरूरत है। इन दोनों फसलों के ज्यादा उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
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डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ज्वार, बाजरा, रागी और कांगनी जैसी मिलेट्स फसलों को भोजन थाली का हिस्सा बनाने की जरूरत है। क्योंकि यह फसलें ग्लूटेन फ्री हैं। साथ ही इनका ग्लाइसों इंडेक्स गेहूं-धान की तुलना में काफी कम है। उप-मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा शुक्रवार को राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में दो दिवसीय श्री अन्न सम्मेलन के शुभांरभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी मधुमेह, मोटापे सहित कई दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही है।
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वहीं, महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या जगजाहिर है। ऐसे में जिंक, आयरन, कैल्शियम और पोटेशियम से भरपूर मिलेट्स फसलों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने रारी द्वारा जिंक, आयरन से भरपूर बाजरा किस्म RHB-233 और RHB-234 किस्म के विकास पर खुशी जताई। साथ ही मिलेट्स के प्रचार, प्रसार, जागरुकता और वैल्यू एडिशन पर जोर दिया।
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श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलराज सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में 45 लाख हेक्टेयर जमीन में बाजरे की बुवाई होती है। राजस्थान में देसी बाजरी के दर्जन भर से ज्यादा जर्मप्लाज्म उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग बाजरे की नवीन संकर किस्मों के विकास में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पूसा नई दिल्ली के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक का विकास किया है, जिससे बाजरे के आटे को तीन महीने तक संरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मिलेट किस्मों के विकास के साथ-साथ मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण पर ध्यान दे रहा है।
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कार्यक्रम में राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा के निदेशक डॉ. अर्जुन सिंह बलौदा, मिलेट्स विकास निदेशालय, जयपुर के निदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र, श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव रामरतन शर्मा सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, किसान और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कृषि कैलेंडर का विमोचन
इस मौके पर उप-मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने विश्वविद्यालय द्वारा तैयार कृषि कैलेंडर 2024 एवं मिलेट्स आधारित कृषि फोल्डर का विमोचन किया। उन्होंने मिलेट्स प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मिलेट्स के बिस्कुट, लड्डु, तथा केक का स्वाद चखा। उप-मुख्यमंत्री ने मिलेट्स एनटरप्रयोन्यर से मिलेट्स उत्पादों की जानकारी भी ली। इस दौरान श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा मिलेट्स जन जागरुकता रैली भी निकाली गई।