राजस्थान: पांचों विद्युत कंपनियों में पदों के पुनर्गठन की मांग तेज, 200 कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
राजस्थान की पांचों विद्युत कंपनियों में मंत्रालयिक संवर्ग के पुनर्गठन और संस्थापन अधिकारी सहित अन्य पदों के सृजन की मांग को लेकर प्रदेशभर के करीब 200 कर्मचारियों ने जयपुर स्थित विद्युत भवन में प्रदर्शन किया।
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राजस्थान की पांचों विद्युत कंपनियों में मंत्रालयिक संवर्ग के पुनर्गठन और संस्थापन अधिकारी सहित अन्य पदों के सृजन की मांग को लेकर कर्मचारियों ने जयपुर स्थित विद्युत भवन में प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ कर्मचारी संघ तथा राजस्थान विद्युत मंत्रालय संगठन के संयुक्त नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 200 कर्मचारी जयपुर पहुंचे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश को पांचों विद्युत कंपनियों में पूरी तरह लागू करने की मांग की।
आरती डोगरा को सौंपा ज्ञापन, आदेश लागू करने की मांग
कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर डिस्कॉम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरती डोगरा को ज्ञापन सौंपा। इसमें राजस्थान सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश की पांचों विद्युत कंपनियों में अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने की मांग की गई। संगठनों ने ज्ञापन में वित्त विभाग के आदेश क्रमांक एफ. 8(12)(01) वित्त/व्यय/2022, जयपुर, दिनांक 24 अक्टूबर 2025 का हवाला दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इस आदेश के अनुरूप मंत्रालयिक संवर्ग में संस्थापन अधिकारी सहित अन्य पदों का पुनर्गठन किया जाना जरूरी है।
लंबे समय से लंबित है पदों के पुनर्गठन की मांग
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, मंत्रालयिक संवर्ग में पदों के पुनर्गठन की मांग लंबे समय से लंबित है। कर्मचारियों का मानना है कि सरकार के आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने से उन्हें उनका उचित अधिकार मिल सकेगा। इसके साथ ही मंत्रालयिक संवर्ग की प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जयपुर डिस्कॉम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने संबंधित अधिकारियों को राज्य सरकार के आदेश की अक्षरशः पालना करने के निर्देश दिए। प्रबंधन की ओर से मिले इन निर्देशों के बाद कर्मचारियों को अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद जगी है।
प्रदेशभर से करीब 200 कर्मचारी हुए शामिल
प्रदर्शन में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए करीब 200 कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों की संख्या और उनकी एकजुटता से मंत्रालयिक संवर्ग के पुनर्गठन तथा संस्थापन अधिकारी सहित अन्य पदों के सृजन की मांग को लेकर संगठनों की गंभीरता सामने आई। ज्ञापन सौंपने के दौरान रमेश चौधरी, रामकेश रेगर, पवन कुमार शर्मा, रामनरेश जाटवा, राजेंद्र कुमार कुम्हार, योगिता मीणा, पूजा चावड़ा, आशा मीणा, सीवी वर्मा, उदय कुमावत, दीपेंद्र सिंह मेहता, सुभाष चंद्र मीणा, भरत सिंह नरूका, कमलेश महावर, बाबूलाल रेगर, पुष्पेंद्र सिंह भाटी, राकेश चौधरी, रवि नायक, रणजीत सिंह और सुशील कुमार सेन सहित विभिन्न जिलों से आए कर्मचारी मौजूद रहे।
मांगों के समाधान की उम्मीद
कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के आदेश की प्रभावी पालना से मंत्रालयिक संवर्ग की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई होगी। इससे कर्मचारियों को उनका उचित अधिकार मिल सकेगा और पांचों विद्युत कंपनियों में मंत्रालयिक संवर्ग के पदों की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।