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Rajasthan News: आज फिर से जुटेगी विधानसभा, कोचिंग सेंटर्स और भूजल निकासी पर बनेगा नया कानून; जानें सबकुछ
Wed, 19 Mar 2025 08:03 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 19 Mar 2025 08:03 AM IST
सार
Rajasthan: होली के अवकाश के बाद आज फिर से विधानसभा के तीसरे सत्र की कार्यवाही शुरू होगी। सरकार विधानसभा से बजट पारित करवा चुकी है और अब शेष सत्र में सरकार कई विधेयक सदन से पारित करवाएगी। बुधवार को दो अहम विधेयक सदन में चर्चा के लिए पेश होंगे। सरकार कोचिंग केन्द्रों और भूजल निकासी के नियमन को लेकर दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी।
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राजस्थान विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान सरकार विधानसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। पहला विधेयक कोचिंग सेंटर्स के नियमन से जुड़ा है, जबकि दूसरा भूजल निकासी के नियंत्रण से संबंधित है।
कोचिंग सेंटर्स पर बनेगा नया कानून
प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की बढ़ती संख्या और विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने ‘दि राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एण्ड रेगुलेशन) विधेयक—2025’ पेश किया है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद प्रदेश में 50 या इससे अधिक विद्यार्थियों वाले सभी कोचिंग सेंटर्स को सरकार के नियमों का पालन करना होगा। प्रत्येक कोचिंग संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया जाएगा।
राज्य में कोचिंग सेंटर्स की निगरानी के लिए एक नई अथॉरिटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता उच्च शिक्षा सचिव करेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो इन कोचिंग सेंटर्स पर नजर रखेगी। विधेयक का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तनाव को कम करने के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना है। कोचिंग सेंटर्स की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य स्तर पर एक पोर्टल बनाया जाएगा और काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
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ये भी पढ़ें: 'राजस्थान में बिना भेदभाव हो रहे विकास कार्य', जोधपुर पहुंचने पर बोले उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा
भूजल निकासी पर आएगा संशोधित विधेयक
राजस्थान में भूजल संरक्षण और इसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए ‘राजस्थान भूजल (संरक्षण एवं प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024’ को विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह विधेयक पहले भी सदन में लाया गया था, लेकिन विरोध के कारण इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया था।
पिछली बार जब यह विधेयक चर्चा के लिए आया था, तब भाजपा के कई विधायकों ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध किया था। राष्ट्रीय लोक दल और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भी इसमें संशोधन की मांग की थी। विधायकों का कहना था कि यह बिल आम जनता और किसानों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसके बाद सरकार ने इसे प्रवर समिति को भेज दिया था। अब सरकार इस विधेयक को जरूरी संशोधनों के साथ दोबारा सदन में रखेगी। इसके कानून बनने के बाद भूजल दोहन की दरें तय की जाएंगी और जल संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
आगे की प्रक्रिया
इन दोनों विधेयकों पर विधानसभा में चर्चा होगी और बहस के बाद इन्हें पारित किया जा सकता है। कोचिंग सेंटर्स पर नए नियम लागू होने से विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, जबकि भूजल संरक्षण पर सख्ती से जल संकट को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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कोचिंग सेंटर्स पर बनेगा नया कानून
प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की बढ़ती संख्या और विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने ‘दि राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एण्ड रेगुलेशन) विधेयक—2025’ पेश किया है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद प्रदेश में 50 या इससे अधिक विद्यार्थियों वाले सभी कोचिंग सेंटर्स को सरकार के नियमों का पालन करना होगा। प्रत्येक कोचिंग संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया जाएगा।
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राज्य में कोचिंग सेंटर्स की निगरानी के लिए एक नई अथॉरिटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता उच्च शिक्षा सचिव करेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो इन कोचिंग सेंटर्स पर नजर रखेगी। विधेयक का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तनाव को कम करने के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना है। कोचिंग सेंटर्स की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य स्तर पर एक पोर्टल बनाया जाएगा और काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
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भूजल निकासी पर आएगा संशोधित विधेयक
राजस्थान में भूजल संरक्षण और इसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए ‘राजस्थान भूजल (संरक्षण एवं प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024’ को विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह विधेयक पहले भी सदन में लाया गया था, लेकिन विरोध के कारण इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया था।
पिछली बार जब यह विधेयक चर्चा के लिए आया था, तब भाजपा के कई विधायकों ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध किया था। राष्ट्रीय लोक दल और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भी इसमें संशोधन की मांग की थी। विधायकों का कहना था कि यह बिल आम जनता और किसानों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसके बाद सरकार ने इसे प्रवर समिति को भेज दिया था। अब सरकार इस विधेयक को जरूरी संशोधनों के साथ दोबारा सदन में रखेगी। इसके कानून बनने के बाद भूजल दोहन की दरें तय की जाएंगी और जल संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
आगे की प्रक्रिया
इन दोनों विधेयकों पर विधानसभा में चर्चा होगी और बहस के बाद इन्हें पारित किया जा सकता है। कोचिंग सेंटर्स पर नए नियम लागू होने से विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, जबकि भूजल संरक्षण पर सख्ती से जल संकट को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।