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जयपुर: पुलिस पूछताछ के बाद 19 वर्षीय युवक की मौत, मां ने लगाए गंभीर आरोप
Mon, 05 Oct 2026 09:48 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 05 Oct 2026 09:48 PM IST
सार
जयपुर के मुहाना थाने में पूछताछ के बाद अस्पताल में भर्ती 19 वर्षीय रितुराज की 15 दिन के उपचार के बाद मौत हो गई। पुलिस ने स्वास्थ्य पहले से खराब होने की बात कही है, जबकि मृतक की मां ने मारपीट और 8-10 लाख रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में मुहाना थाना पुलिस की पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए 19 वर्षीय युवक की सोमवार को मौत हो गई। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के मंचल खुर्द निवासी रितुराज पिछले 15 दिन से एसएमएस अस्पताल में उपचाराधीन था। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और स्वास्थ्य बिगड़ने का दावा
मुहाना थाना प्रभारी मुकेश खराड़िया के अनुसार रितुराज ने सोना उपलब्ध कराने के नाम पर दो अलग-अलग पक्षों से धनराशि ली थी, लेकिन तय समझौते के मुताबिक सोना नहीं दिया। इस मामले में पुलिस लगभग 15 दिन पहले उसे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। थाना अधिकारी का कहना है कि थाने लाते समय ही युवक का स्वास्थ्य खराब था और पूछताछ के दौरान उसने उल्टी भी की। इसके बाद पुलिस ने उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे एसएमएस अस्पताल भेज दिया, जहां 15 दिन चले उपचार के बाद सोमवार को उसने दम तोड़ दिया।
मृतक की मां का पुलिस पर मारपीट का आरोप
दूसरी तरफ मृतक की मां हेमा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने थाने में उनके बेटे के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। हेमा के अनुसार गांव के एक युवक ने फोन करके उन्हें बेटे की गंभीर स्थिति की जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही वह रात में ही जयपुर के लिए रवाना हो गईं। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने रितुराज को अचेत अवस्था में पाया। बेटे की चिंताजनक हालत देखकर वह स्वयं भी गश खाकर गिर पड़ीं।
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प्राथमिकी दर्ज कराने और रिश्वत की पेशकश का आरोप
मृतक की मां का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अनुचित दबाव बनाकर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। हेमा का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें हस्ताक्षर न करने पर बेटे जैसी स्थिति बनाने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए उनसे पैसों की बात की गई। हेमा के अनुसार एसएमएस अस्पताल में तीन पुलिसकर्मियों ने उनसे 8 लाख या 10 लाख रुपये लेकर मामला खत्म करने की बात कही थी। हालांकि वह उन पुलिसकर्मियों के नाम नहीं जानतीं।
पोस्टमार्टम और पुलिस जांच की प्रक्रिया
घटना के बाद पुलिस ने शव को एसएमएस अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय जांच के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इसके साथ ही, मृतक की मां द्वारा पुलिस पर लगाए गए मारपीट और अनुचित पैसों की मांग के आरोपों की भी गहनता से जांच की जाएगी।
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पुलिस की कार्रवाई और स्वास्थ्य बिगड़ने का दावा
मुहाना थाना प्रभारी मुकेश खराड़िया के अनुसार रितुराज ने सोना उपलब्ध कराने के नाम पर दो अलग-अलग पक्षों से धनराशि ली थी, लेकिन तय समझौते के मुताबिक सोना नहीं दिया। इस मामले में पुलिस लगभग 15 दिन पहले उसे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। थाना अधिकारी का कहना है कि थाने लाते समय ही युवक का स्वास्थ्य खराब था और पूछताछ के दौरान उसने उल्टी भी की। इसके बाद पुलिस ने उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे एसएमएस अस्पताल भेज दिया, जहां 15 दिन चले उपचार के बाद सोमवार को उसने दम तोड़ दिया।
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मृतक की मां का पुलिस पर मारपीट का आरोप
दूसरी तरफ मृतक की मां हेमा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने थाने में उनके बेटे के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। हेमा के अनुसार गांव के एक युवक ने फोन करके उन्हें बेटे की गंभीर स्थिति की जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही वह रात में ही जयपुर के लिए रवाना हो गईं। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने रितुराज को अचेत अवस्था में पाया। बेटे की चिंताजनक हालत देखकर वह स्वयं भी गश खाकर गिर पड़ीं।
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प्राथमिकी दर्ज कराने और रिश्वत की पेशकश का आरोप
मृतक की मां का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अनुचित दबाव बनाकर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। हेमा का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें हस्ताक्षर न करने पर बेटे जैसी स्थिति बनाने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए उनसे पैसों की बात की गई। हेमा के अनुसार एसएमएस अस्पताल में तीन पुलिसकर्मियों ने उनसे 8 लाख या 10 लाख रुपये लेकर मामला खत्म करने की बात कही थी। हालांकि वह उन पुलिसकर्मियों के नाम नहीं जानतीं।
पोस्टमार्टम और पुलिस जांच की प्रक्रिया
घटना के बाद पुलिस ने शव को एसएमएस अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय जांच के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इसके साथ ही, मृतक की मां द्वारा पुलिस पर लगाए गए मारपीट और अनुचित पैसों की मांग के आरोपों की भी गहनता से जांच की जाएगी।