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Rajasthan: ITBP बस हादसे में सीकर का जवान शहीद, मई में घर आए थे, पत्नी आठ महीने की गर्भवती
Tue, 16 Aug 2022 10:24 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 16 Aug 2022 10:24 PM IST
सार
शहीद कांस्टेबल सुभाष 25 मई को ही छुट्टियां खत्म होने के बाद ड्यूटी पर गए थे। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके माता-पिता गांव में रहकर खेती-किसानी करते हैं। एक महीने बाद सुभाष पिता बनने वाले थे।
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शहीद जवान सुभाष चंद्र बैरवाल।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी से लौट रहे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों से भरी बस पहलगाम में 100 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में सात जवानों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक जवान घायल हैं। मरने वालों में एक राजस्थान का जवान भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार सीकर जिले के सुभाष चंद्र बैरवाल पुत्र कालूराम बैरवाल भी हादसे का शिकार हुई बस में शामिल थे। वह जिले के शाहपुरा धोद के रहने रहने वाले थे। वह 25 मई को ही छुट्टियां खत्म होने के बाद ड्यूटी पर गए थे। कांस्टेबल सुभाष चंद्र बैरवाल ने 2012 में भर्ती हुए थे। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके माता-पिता गांव में रहकर खेती-किसानी करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शहीद कांस्टेबल सुभाष की शादी 2018 में फतेहपुर की रहने वाली सरला से हुई थी। उनकी पत्नी सरल आठ महीने की गर्भवती है। सुभाष जल्द ही पिता बनने वाले थे, लेकिन इससे पहले वह शहीद हो गए। घर में बच्चे की किलकारी गूंजने से पहले ही मातम पसर गया है।
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दरअसल, मंगलवार सुबह अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी से लौट रहे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों से भरी बस पहलगाम में हादसे का शिकार हो गई। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने से बस में सवार 30 से अधिक जवान घायल हो गए। हादसे में सात जवानों की मौत हो गई, वहीं नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार सीकर जिले के सुभाष चंद्र बैरवाल पुत्र कालूराम बैरवाल भी हादसे का शिकार हुई बस में शामिल थे। वह जिले के शाहपुरा धोद के रहने रहने वाले थे। वह 25 मई को ही छुट्टियां खत्म होने के बाद ड्यूटी पर गए थे। कांस्टेबल सुभाष चंद्र बैरवाल ने 2012 में भर्ती हुए थे। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके माता-पिता गांव में रहकर खेती-किसानी करते हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शहीद कांस्टेबल सुभाष की शादी 2018 में फतेहपुर की रहने वाली सरला से हुई थी। उनकी पत्नी सरल आठ महीने की गर्भवती है। सुभाष जल्द ही पिता बनने वाले थे, लेकिन इससे पहले वह शहीद हो गए। घर में बच्चे की किलकारी गूंजने से पहले ही मातम पसर गया है।
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दरअसल, मंगलवार सुबह अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी से लौट रहे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों से भरी बस पहलगाम में हादसे का शिकार हो गई। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने से बस में सवार 30 से अधिक जवान घायल हो गए। हादसे में सात जवानों की मौत हो गई, वहीं नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है।