Chintan Shivir: एक परिवार को एक टिकट और पांच साल के लिए पद, जानिए किन प्रस्तावों पर लगी मुहर
राजस्थान के उदयपुर में चल रहा कांग्रेस का चिंतिन शिविर समाप्त हो गया है। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का शिविर में आखिरी संबोधन हुआ। इससे पहले हुई कांग्रेस कार्यसमित की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
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राजस्थान के उदयपुर में तीन दिन चला कांग्रेस का नव संकल्प चिंतन शिविर समाप्त हो गया है। रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के संबोधन के बाद इसके समाप्ति की घोषणा कर दी गई। इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को मजबूत करने का मंत्र भी दिया। इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। यह प्रस्ताव कांग्रेस संगठन और राजनीति से जुड़ी समितियों ने दिए थे। आइए...आपको बताते हैं कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक ने किन-किन प्रस्तावों पर मुहर लगाई और शिविर समाप्ति से पहले राहुल व सोनिया गांधी ने क्या कहा?
पहले बात करते हैं कार्यसमिति में लिए गए फैसलों की
सूत्रों के अनुसार कार्य समिति की बैठक में एक परिवार के एक ही सदस्य को टिकट देने के प्रस्ताव पर मुहर पास हो गया है। इसके अलावा पांच साल संगठन में सक्रिय रहने के बाद ही परिवार के किसी दूसरे नेता को टिकट दिया जाएगा। अब कोई भी नेता पार्टी में पांच साल तक ही पद पर रह सकेगा। तीन साल संगठन के लिए काम करने के बाद उसे फिर से पद दिया जाएगा। पैराशूट उम्मीदवारों को भी टिकट देने पर रोक लगाई गई है।
मिशन 2024 समेत 10 राज्यों के विधानसभा चुनाव पर फोकस
पार्टी सूत्रों ने बताया कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का फोकस दस चुनावी राज्यों पर है। इन दस राज्यों में आने वाले दो साल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, नागालैंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मेघालय शामिल हैं। बैठक में इन राज्यों को लेकर भी मंथन किया गया। इस दौरान कुछ नेताओं कहा कि अगर इन राज्यों में पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई तो लोकसभा चुनाव जीतना मुश्किल होगा। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को हर हाल में हिमाचल और गुजरात में जीत दर्ज करनी होगी। यह दो राज्य कांग्रेस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां लगातार भाजपा की सरकार बनती आ रही है।
सोनिया गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शिविर के आखिरी संबोधन में कई बदलावों की बात कही। उन्होंने बताया कि राजनीतिक चुनौतियों पर विचार करने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों के लिए एक सलाहकार समिति बनाएंगे। उन्होंने कहा, संगठन में सुधार के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया जाएगा। दो अक्टूबर गांधी जयंती से कांग्रेस देशभर में 'राष्ट्रीय कन्याकुमारी टू कश्मीर भारत जोड़ो यात्रा' निकालेगी। जिसमें कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं से लेकर मेरे जैसे वरिष्ठ नेता भी हिस्सा लेंगे। यह यात्रा लोगों के बीच सामाजिक सौहार्द को बढ़ाएगी और संविधान का सरंक्षण करने में मदद करेगी। सोनिया ने यह भी एलान किया कि 15 जून से कांग्रेस जन जागरण अभियान की शुरुआत करेगी। आखिर में उन्होंने कहा, हम जीतेंगे...यही हमारा संकल्प है...यही हमारा नव संकल्प है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, भाजपा में दलितों को अपमान होता है। वहां किसी की बात भी नहीं सुनी जाती है। देश में नफरत और हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है, हमारी लड़ाई उसके खिलाफ है। मेरी लड़ाई आरएसएस और भाजपा की विचाराधारा से है। यह लोग नफरत और हिंसा फैलाते हैं। मैं इसके खिलाफ लड़ रहा हूं...आगे भी लड़ना चाहता हूं। उन्होंने कहा, मैं यह मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि मेरे देश में इतनी नफरत और हिंसा फैल सकती है। उन्होंने कहा, अक्टूबर महीने में पूरी पार्टी जनता के बीच जाएगी और यात्रा करेगी। जनता के साथ कांग्रेस का जो रिश्ता था उसे फिर से बनाएंगे। यह काम किसी शॉर्टकट से होने वाला नहीं है। इसे सिर्फ पसीना बहाकर ही किया जा सकता है।