फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   ias officer investigate case against his wife in rajasthan

वसुंधरा सरकार का कारनामा, भ्रष्ट पत्नी की जांच आईएएस पति को

Sat, 08 Aug 2015 09:23 AM IST
Updated Sat, 08 Aug 2015 09:23 AM IST
विज्ञापन
ias officer investigate case against his wife in rajasthan

भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा और उसकी सरकारें बेशक कितने दावे करे लेकिन उनमें कितना दम है इसका अंदाजा राजस्थान की एक घटना से लगाया जा सकता है।

विज्ञापन


जहां राज्य प्रशासनिक सेवा की एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच उसके आईएएस पति को ही सौंप दी गई। हालांकि पति ने खुद को जांच से अलग करना ही बेहतर समझा।
विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार मेल टुडे की खबर के अनुसार रतन लाल लाहोटी आईएएस अफसर हैं, जबकि उनकी पत्नी राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी वीणा लाहोटी जोधपुर की डा. सर्वापल्ली आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में कुलसचिव हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के एक के बाद एक कई आरोप लगे थे जिनकी जांच प्रदेश सरकार ने उनके पति और डिविजनल कमिश्नर रतन लाल लाहोटी को सौंप दी। दिखावे के लिए आईएएस ऑफिसर ने खुद को इस जांच से अलग करने को कहा।

आरटीआई कार्यकर्ता ने की थी शिकायत

ias officer investigate case against his wife in rajasthan

रतन लाल के लिए यह असमंजस भरी ‌‌स्थिति थी। क्योंकि शिकायतों में जांच पर भी सवाल उठाए गए थे। मामले में सारी जांच के आदेश उस समय दिए गए थे जब जोधपुर के आरटीआई कार्यकर्ता नंदलाल व्यास और आरके पुरोहित ने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की थी।

इस संबंध में बात करने पर रतन लाल ने बताया कि मामला अप्रैल महीने का था जब उनकी पोस्टिंग जोधपुर के डिविजनल कमिश्नर के रूप में मई में हुई थी। मामले में शासन की ओर से जांच के आदेश एक नियमित कार्यवाही के तौर पर दिए गए थे।

जिसके बाद मैने अपने जूनियर अतिरिक्त डिविजनल कमिश्नर से कहा कि मैं मामले में जांच नहीं कर सकता क्योंकि इसमें मेरी पत्‍नी की संलिप्तता जुड़ी हुई है। मामले में डीओपी सेक्रेटरी विवेक कुमार ने 5 जून को शिकायतों पर तुरंत जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश द‌िए।

यूनिवर्सिटी में कुलसचिव पत्‍नी पर हैं संगीन आरोप

ias officer investigate case against his wife in rajasthan

वहीं सूत्रों के अनुसार इसके बाद जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंप दी गई। मामले में शिकायतकर्ता व्यास बताते हैं कि डीओपी का जांच के संबंध में पहला आदेश अप्रैल से पहले आया था जब डिस्ट्रिक्ट कलेक्‍टर को ही ‌डिविजन कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

जबकि नया आदेश 5 जून को आया। वो आरोप लगाते हैं कि मामले में लाहोटी आधा सच बोलकर सच्चाई छुपा रहे हैं। व्यास बताते हैं कि रजिस्ट्रार वीणा के खिलाफ वित्तीय और अन्य अनियमितताओं की शिकायत दिसंबर 2014 से फरबरी 2015 के बीच दर्ज कराई गई।

लेकिन किसी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिनमें विश्‍वविद्यालय में बाबुओं की नियुक्ति, कैंटीन का ठेका बिना उचित प्रक्रिया के किसी को देना जिससे विश्‍वविद्यालय को 21 लाख का नुकसान हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed