Rajasthan: पावर फेल्योर होने से मरीज की मौत, स्वास्थ्य मंत्री बोले-बिजली जाने से किसी की मृत्यु थोड़ी ना होती है
कोटा के सरकारी अस्पताल में बिजली जाने से एक महिला की मौत हो गई। महिला वेंटिलेटर पर थी, डॉक्टरों ने टॉर्च की रोशनी में सीपीआर देने की कोशिश भी की लेकिन मरीज को बचाया नहीं जा सका।
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कोटा के सरकारी अस्पताल में बिजली गुल होने से एक महिला की मौत हो गई थी। बुजुर्ग महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया था। बिजली जाने से महिला की तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। इस मामले में राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने बयान दिया है कि बिजली गुल होने से किसी की मृत्यु थोड़ी ना होती है।
स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि अस्पताल में बिजली गुल होने के कारण ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार महिला की मौत रविवार की रात को हुई थी। मृतका नंदू बाई को गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रविवार की सुबह भर्ती करवाया गया था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसी बीच बिजली चली गई। वेंटिलेटर बैकअप पर चालू था लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आने से वेंटिलेटर का बैकअप खत्म हो गया। जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने सीपीआर देने की कोशिश की लेकिन मरीज की मौत हो गई। टॉर्च की रोशनी में महिला को सीपीआर देने का एक वीडियो भी सामने आया है।
अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सीएस सुशील ने बताया कि अस्पताल चालू हुए 12-13 साल हो गए। अब एसी ज्यादा हो गए हैं। लाइन पुरानी थी। लोड बढ़ने से लाइन जल गई। लाइन जलने से अस्पताल में लगे जनरेटर का भी उपयोग नहीं किया जा सका।