है यौनशोषण का आरोपी, किताबों में इसे बताया जा रहा है 'संत'
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दुष्कर्म के मामले में आरोपी स्वयंभू संन्यासी आसाराम को राजस्थान के जोधपुर जिले में तीसरी कक्षा की पाठ्य पुस्तक के एक अध्याय में एक ‘संत’ के रूप में दिखाया गया है।
खास बात यह है कि उसे विवेकानंद, मदर टेरेसा और रामकृष्ण परमहंस जैसी विभूतियों के साथ जगह दी गई है। योग गुरू रामदेव को भी जिले के कई स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान की पाठ्य पुस्तक ‘नया उजाला’ में संतों की सूची में शामिल किया गया है।
इस अध्याय में गुरु नानक, कबीर, मीराबाई और शंकराचार्य की तस्वीरें भी छपी हुई हैं। बच्चों से उन लोगों की पहचान करने को कहा जाता है जिनमें आसाराम भी शामिल हैं।
तैयार हो रहा है नया संस्करण
आसाराम का नाम शामिल करने के बारे में पूछे जाने के बाद
प्रकाशन हाउस के एक प्रतिनिधि ने बताया कि जब यह किताब प्रकाशित हुई थी तब
आसाराम के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था।
उन्होंने बताया, ‘अब हम किताब
को बाजार से वापस ले रहे हैं और आसाराम को हटाते हुए किताब का एक नया
संस्करण तैयार किया जा रहा है।’
जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों से किताब के
बारे में पूछा गया तब उन्होंने मामले के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की।
हालांकि, उन्होंने कहा कि उस स्कूल के अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा
जहां यह किताब पाठ्यक्रम का हिस्सा है।