गुर्जर आंदोलन: सरकार ने कहा, रेल पटरियों पर बैठने से नहीं मिलेगा समस्या का हल
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राजस्थान सरकार ने सोमवार को कहा कि आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जर समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के लिए उसके दरवाजे खुले हैं। सरकार ने कहा कि समस्या के हल तक केवल बातचीत के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और स्पीकर सीपी जोशी, दोनों ने आंदोलनकारियों से आकर सरकार से बात करने और समस्या का समाधान ढूंढने की अपील की।
इससे पहले, शर्मा ने इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अब तक की गई पहल से सदन को अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर 31 अक्तूबर को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल और नागरिक व जन प्रतिनिधियों ने कैबिनेट की उपसमिति के साथ चर्चा की थी। यह बैठक जयपुर में हुई थी और इसमें सभी पक्षों ने 14 बिंदुओं पर सहमति जताई गई थी।
उन्होंने कहा कि इसके बाद भी, अगर संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और उनके समर्थकों को लगता है कि ऐसे कुछ मुद्दे हैं जो चर्चा से छूट गए हैं, तो उन्हें सरकार के पास आना चाहिए और बातचीत करनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे हर समय खुले हैं और समस्या का समाधान रेल पटरियों पर बैठने से या सड़कें जाम करने से नहीं मिल सकता।
इससे पहले, सरकार और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच किसी प्रकार की सकारात्मक बातचीत नहीं होने के कारण गुर्जरों का आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान गुर्जर समाज के लोग बड़ी संख्या में पीलूपुरा में रेलवे ट्रैक पर बैठे दिखे और कई स्थानों पर रेल पटरियों को नुकसान पहुंचाया। वहीं भरतपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर और जयपुर जिले की कई तहसीलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।
राजस्थान विधानसभा में भी गुर्जर आरक्षण आंदोलन का मसला उठाया गया। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने राज्य सरकार से इस पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की उपसमिति ने गुर्जर नेताओं के साथ बातचीत की है फिर भी गुर्जर आंदोलनकारियों ने रेलवे पटरियों को जाम कर रखा है।
राठौड़ ने कहा कि आंदोलन के चलते कई जिलों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है और रेल और सड़क यातायात को भी बंद किया गया है। राज्य सरकार को इस मुद्दे पर सदन को सूचित करना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सरकार से केंद्र द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को 'निष्प्रभावी' करने के लिए पेश तीन संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद जवाब देने को कहा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, 'कानून को हाथ में लेना ठीक नहीं है। मेरा उनसे (आंदोलनकारियों से) कहना है कि बातचीत के जरिए जब समस्या का समाधान हो सकता है तो आकर बात करनी चाहिए, पटरी उखाड़ने से... देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से काम नहीं चलेगा।' राजस्थान विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में शर्मा ने कहा कि आरक्षण देने का काम भी हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया है।
उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ा मुद्दा तो आरक्षण का ही था उसका तो समाधान हो गया अब कोई छोटी मोटी समस्या है अगर तो बैठ कर उसका भी समाधान निकाला जा सकता है। कानून को हाथ में लेना मैं समझता हूं ठीक नहीं है।' इससे पूर्व विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में संसदीय कार्यमंत्री बीडी कल्ला ने कहा, 'सरकार ने जो मांगें संविधान सम्मत हैं वे मान ली हैं... उनको वार्ता करके आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके समाप्त करना चाहिए।' पुलिस के अनुसार बड़ी संख्या में युवा आंदोलनकारी भरतपुर के बयाना में रेलवे ट्रैक पर जमे हुए हैं और उन्होंने रेलवे ट्रैक को भी नुकसान पहुंचाया है।
हम सरकार से मिलने के लिए नहीं जाएंगे
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'इस बार हमारा प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ बातचीत करने के लिए कहीं नहीं जाएगा। अगर सरकार बात करना चाहती है, तो वे रेलवे ट्रैक पर आकर हमसे मिल सकती है।' वहीं गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा, 'जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार को हमारी मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार करना चाहिए।'
Rajasthan: Members of Gurjar community continue their protest demanding reservation, in Bharatpur.
— ANI (@ANI) November 2, 2020
"We will continue our agitation till our demands are met. The government should accept our demands as early as possible," says Gurjar leader Kirori Singh Bainsla. #Rajasthan pic.twitter.com/ZJ7AD3mx97
पांच जिलों में बंद हुईं इंटरनेट सेवाएं
गुर्जर आंदोलन की वजह से भरतपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर और जयपुर जिले की कई तहसीलों में इंटरनेट सेवा बंद है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक की फिश प्लेटें उखाड़ दीं। इसके चलते रविवार को 40 मालगाड़ियों सहित 60 ट्रेनें डायवर्ट करनी पड़ीं। दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा और दो ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।