गुर्जर आंदोलन उग्र, रेल ट्रैक के बाद हाइवे जाम
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विशेष पिछड़ा वर्ग में पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में चल रहे गुर्जर आंदोलन के तीसरे दिन शनिवार को राजस्थान सरकार के तीन मंत्री और गुर्जर नेताओं के बीच हुई वार्ता विफल रही। बयाना में यह वार्ता हुई।
वार्ता में शामिल गुर्जर नेताओं ने मंत्रियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। वार्ता के दौरान गुर्जर समाज ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। वहीं, वार्ता में शामिल हुए तीनों मंत्रियों ने हाईकोर्ट में चलने की दुहाई दी और शीघ्र आंदोलन समाप्त करने की हिदायत दी।
बैठक के बाद गुर्जर नेताओं ने मीडिया से कहा कि सरकार की ओर से आए मंत्रियों के पास 50 फीसदी आरक्षण व्यवस्था के तहत विशेष पिछड़ा वर्ग में आरक्षण कैसे दिया जाएगा, इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार से कोई उम्मीद नहीं है और सरकार को जवाब दिया जाएगा।
राज्य के अन्य भागों में भी फैला आंदोलन
गुर्जरों की और से बैंसला के नेतृत्व में छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बयाना के सरकारी कॉलेज पहुंचा। जहां पहले से ही सरकार की ओर से तीन मंत्री पहुंचे थे।
गुर्जरों का आंदोलन प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी फैल गया। कोटा में गुर्जरों ने रावतभाटा मार्ग जाम किया, तो कोटपूतली में गुर्जर समाज ने दूध की आपूर्ति रोकने का ऐलान किया।
दिल्ली-मुंबई वाया कोटा के बीच पटरियों पर काबिज गुर्जर आंदोलनकारियों के कारण रेल यातायात शनिवार को भी प्रभावित रहा। ट्रेनें डायवर्ट कर चलाई गईं और कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया। वहीं, रोडवेज ने हिंडौन से बयाना और बयाना से भरतपुर के बीच बसों का संचालन बंद कर रखा।