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Rajasthan: 1500 ग्राम पंचायतों में गौशाला-पशु आश्रय स्थल का होगा निर्माण, सीएम गहलोत ने दी सहमति
Sun, 15 Jan 2023 03:58 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 15 Jan 2023 03:58 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने गौशाला/पशु आश्रय स्थल जन सहभागिता योजना को सहमति दी है। योजना के प्रथम चरण में 1500 ग्राम पंचायतों में स्थल निर्माण एवं संचालन के लिए लगभग 1377 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान किए जाना तय किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जयपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्राम पंचायतों में गौशाला/पशु आश्रय स्थल जन सहभागिता योजना को सहमति प्रदान की है। उन्होंने योजना के प्रथम चरण में 1500 ग्राम पंचायतों में स्थल निर्माण एवं संचालन के लिए लगभग 1377 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान को भी मंजूरी दी है।
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योजना के अंतर्गत, जिन ग्राम पंचायतों में गौशाला/पशु आश्रय स्थल का संचालन करने के लिए सक्षम कार्यकारी एजेंसी (ग्राम पंचायत/स्वयंसेवी संस्था) उपलब्ध होगी, वहां प्राथमिकता से एक-एक करोड़ रुपए तक की राशि से गौशालाएं स्थापित की जाएंगी।
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इसके तहत वर्ष 2022-23 में 200 एवं 2023-24 में 1300 ग्राम पंचायतों में स्थलों का निर्माण किया जाएगा। इसमें राज्य सरकार 90 प्रतिशत और कार्यकारी एजेंसी 10 प्रतिशत राशि वहन करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा स्थलों के निर्माण एवं संचालन के लिए वर्ष 2022-23 में 183.60 करोड़ रुपए तथा वर्ष 2023-24 के लिए 1193.40 करोड़ रुपए सहित कुल 1377 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
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गहलोत के निर्णय से आवारा एवं निराश्रित पशुओं के लिए एक स्थाई आश्रय मिल सकेगा। किसानों को भी आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 के बजट में ग्राम पंचायतों में गौशाला/पशु आश्रय स्थलों का संचालन किए जाने की घोषणा की गई थी।
राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में निरंतर निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रदेश में संचालित गौशालाओं को वर्ष में 9 महीने तक अनुदान दिया जा रहा है। नंदीशालाएं खोली जा रही हैं। पशुपालकों को 5 रुपए प्रति लीटर हिसाब से दूध पर अनुदान भी मिल रहा है।