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जयपुर में दिखा पुलिस को छकाने वाला गैंगस्टर आनंदपाल, नाकाबंदी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 29 Mar 2017 02:19 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : Internet
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पिछले डेढ़ साल से पुलिस को छका रहा कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह को जयपुर में देखे जाने की सूचना मिली है, जिसके बाद राजस्थान पुलिस अलर्ट पर है। सूत्रों के अनुसार आनंदपाल सिंह अजमेर रोड स्थित महापुरा के आसपास कहीं फॉर्च्यूनर कार में घूमता हुआ देखा गया, जिसके बाद डीसीपी वेस्ट अशोक गुप्ता ने पूरे शहर में जगह जगह नाकेबंदी करवा दी है।
पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आनन्दपाल के देखे जाने की बात सही है या अफवाह। एक अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस को अजमेर रोड पर महापुरा क्षेत्र में आनन्दपाल के देखे जाने की सूचना दी है। व्यक्ति का कहना था कि उसने आनन्दपाल को काले रंग की फर्च्यूनर कार, जिसका नम्बर आरजे01-2784 है, में देखा है। पुलिस ने इस फोन के बाद पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी। पुलिस भी सूचना की पुष्टि करने में जुटी हुई है।
राजस्थान के नागौर जिले के एक छोटे से गांव लाडनूं के रहने वाले आनंदपाल पर अवैध वसूली, लूट, मर्डर और गैंगवार के कम से कम 25 से ज्यादा मामले दर्ज है। अपराध की दुनिया में आनंदपाल की एंट्री साल 2006 में हुई जब उसने डीडवाना में जीवनराम गोदारा की हत्या की। उसके बाद आनंदपाल का नाम सीकर के चर्चित गोपाल फोगावट हत्याकांड में भी सामने आया जिसकी गूंज विधानसभा तक उठी।
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ये हैं आनन्दपाल की करतूतें
आनंदपाल पर डीडवाना जिले में दर्ज 13 मामलों में से 8 मामलों में भगौड़ा घोषित किया जा चुका है। शेखावाटी क्षेत्र में आनंदपाल का जितना बढ़ता गया उतनी ही उसकी दुश्मनी भी बढ़ती गई और बीकानेर जेल में बंद रहने के दौरान गैंगवार हुआ था जिसमें आनंदपाल को गोली भी लगी थी।
आनंंदपाल को बीकानेर के बाद अजमेर जेल में बंद किया गया। 3 सितंबर 2015 के दिन आनंदपाल और उसके साथी सुभाष मूंड को किसी मामले में नागौर के कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया था जिसके बाद वापस अजमेर जेल लौटते हुए आनंदपाल पुलिस को गच्चा देकर भाग गया।
आनंदपाल ने नागौर से लौटते समय पुलिस के कुछ जवानों को मिठाई खिलाई थी जिसके बाद पुलिसवाले बेहोश हो गए थे रास्ते में ही आनंदपाल के साथियों ने पुलिस का कारवां रोक लिया और फायरिंग करते हुए आनंंदपाल को भगा ले गए।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का एक जवान भी मारा गया था। फरारी के बाद से आनंदपाल के राजस्थान में ही मौजूद होने की कई जानकारियां सामने आई लेकिन आनंदपाल को पकड़ पाने मेंं पुलिसिया तंत्र आज तक कामयाब नहीं हो पाया है।
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पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आनन्दपाल के देखे जाने की बात सही है या अफवाह। एक अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस को अजमेर रोड पर महापुरा क्षेत्र में आनन्दपाल के देखे जाने की सूचना दी है। व्यक्ति का कहना था कि उसने आनन्दपाल को काले रंग की फर्च्यूनर कार, जिसका नम्बर आरजे01-2784 है, में देखा है। पुलिस ने इस फोन के बाद पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी। पुलिस भी सूचना की पुष्टि करने में जुटी हुई है।
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राजस्थान के नागौर जिले के एक छोटे से गांव लाडनूं के रहने वाले आनंदपाल पर अवैध वसूली, लूट, मर्डर और गैंगवार के कम से कम 25 से ज्यादा मामले दर्ज है। अपराध की दुनिया में आनंदपाल की एंट्री साल 2006 में हुई जब उसने डीडवाना में जीवनराम गोदारा की हत्या की। उसके बाद आनंदपाल का नाम सीकर के चर्चित गोपाल फोगावट हत्याकांड में भी सामने आया जिसकी गूंज विधानसभा तक उठी।
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ये हैं आनन्दपाल की करतूतें
आनंदपाल पर डीडवाना जिले में दर्ज 13 मामलों में से 8 मामलों में भगौड़ा घोषित किया जा चुका है। शेखावाटी क्षेत्र में आनंदपाल का जितना बढ़ता गया उतनी ही उसकी दुश्मनी भी बढ़ती गई और बीकानेर जेल में बंद रहने के दौरान गैंगवार हुआ था जिसमें आनंदपाल को गोली भी लगी थी।
आनंंदपाल को बीकानेर के बाद अजमेर जेल में बंद किया गया। 3 सितंबर 2015 के दिन आनंदपाल और उसके साथी सुभाष मूंड को किसी मामले में नागौर के कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया था जिसके बाद वापस अजमेर जेल लौटते हुए आनंदपाल पुलिस को गच्चा देकर भाग गया।
आनंदपाल ने नागौर से लौटते समय पुलिस के कुछ जवानों को मिठाई खिलाई थी जिसके बाद पुलिसवाले बेहोश हो गए थे रास्ते में ही आनंदपाल के साथियों ने पुलिस का कारवां रोक लिया और फायरिंग करते हुए आनंंदपाल को भगा ले गए।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का एक जवान भी मारा गया था। फरारी के बाद से आनंदपाल के राजस्थान में ही मौजूद होने की कई जानकारियां सामने आई लेकिन आनंदपाल को पकड़ पाने मेंं पुलिसिया तंत्र आज तक कामयाब नहीं हो पाया है।