{"_id":"630e49fa2e940b093d4ab3ba","slug":"fraud-of-13-lakhs-get-patanjali-franchise-alwar-police-bihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: पतंजलि की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 13 लाख ठगे, तीन साल बाद बिहार से पकड़ा गया आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: पतंजलि की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 13 लाख ठगे, तीन साल बाद बिहार से पकड़ा गया आरोपी
Tue, 30 Aug 2022 11:03 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 30 Aug 2022 11:03 PM IST
सार
तीन साल बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि रणधीर और उसके साथी नामी कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात करते थे। बड़ी कंपनियों के नाम से लोग जल्दी उनके झांसे में आ जाते थे।
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पतंजलि की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 13.49 लाख की धोखाधड़ी करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ा गया आरोपी नवादा बिहार का रहने वाला है। मंगलवार को अरावली विहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रणधीर कुमार कहार पुत्र जितेंद्र प्रसाद (22) नवादा के वारसलीगंज गांव का रहने वाला है।
विज्ञापन
अलवर एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 13 फरवरी 2019 को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाना अरावली विहार के रहने वाले मोहन लाल शर्मा ने एक केस दर्ज कराया था। जयपुर साइबर थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में मोहन ने बताया कि एक व्यक्ति ने अलग-अलग नंबरों से कॉल कर उसे पतंजलि की फ्रेंचाइजी दिलाने की बात कही थी। इसके लिए आरोपी ने धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर उससे 13 लाख 49 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए, लेकिन फ्रेंचाइजी नहीं दिलाई।
विज्ञापन
3 साल से लंबित चल रहे इस मामले के खुलासा करने के लिए थाना अधिकारी अरावली विहार जहीर अब्बास के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने साइक्लोन सेल की मदद से पहचान कर आरोपी रणजीत कुमार को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। गिरफ्तार ठग से पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य साइबर फ्रॉड की वारदात का खुलासा होने की भी संभावना है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि रणधीर और उसके साथी नामी कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात करते हैं।
विज्ञापन