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Eid Special: भरतपुर में 2.5 CM की कुरान शरीफ, देश विभाजन के दौरान सियालकोट से लाए थे पार्षद चीमा के पूर्वज

Sat, 22 Apr 2023 02:13 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 22 Apr 2023 02:13 PM IST
सार

ईद-उल-फितर शनिवार को मनाया जा रहा है। भरतपुर में ईद की नमाज सुबह शहर के कुम्हेर गेट स्थित ईदगाह पर अता की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दूसरे को ईद की गले मिलकर मुबारकबाद दी। ईद के इस मुबारक मौके पर अमर उजाला पर सबसे छोटी कुरान शरीफ और रोचक किस्सा पेश है, जो भरतपुर में एक पार्षद और उनके पूर्वजों ने अरसे से सहेजकर रखी है।

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Eid Special 2.5 cm Quran Sharif in Bharatpur brought from Sialkot during partition
2.5 CM की कुरान शरीफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भरतपुर नगर निगम के मनोनीत पार्षद ब्रिजेंद्र सिंह चीमा के पास मुस्लिम धर्म का सबसे पवित्र ग्रन्थ कुरान शरीफ है। चीमा का दावा है कि यह दुनिया की सबसे छोटी कुरान है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने इसकी सूचना गूगल पर डाली थी, लेकिन किसी ने इससे छोटी कुरान और कहीं होने का दावा नहीं किया। इस कुरान की लंबाई लगभग 2.5 सेंटीमीटर है, जबकि चौड़ाई एक सेंटीमीटर है। मोटाई भी एक सेंटीमीटर है, जिसे मैग्निफाई लेंस के माध्यम से ही पढ़ा जा सकता है।

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भरतपुर में सरकार की ओर से मनोनीत पार्षद 65 साल के ब्रिजेन्द्र चीमा हिन्दू-सिख और मुस्लिम एकता की मिसाल हैं। चीमा पंजाबी जट हैं, जो सिख और हिन्दू दोनों धर्मों और रिवाजों को मानते, फॉलो करते और पूजा-पाठ करते हैं। लेकिन मुस्लिम धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ कुरान शरीफ को भी उतने ही आदर, सम्मान के साथ सहेजकर रखते हैं। ब्रिजेन्द्र चीमा को दुनिया की सबसे छोटी कुरान पुरखों से विरासत में मिली है। उन्होंने इसे बड़ी शिद्दत से पीढ़ी दर पीढ़ी संभालकर रखा है।
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सियालकोट के भोपालवाला पिंड से भरतपुर लाए कुरान...
चीमा ने बताया कि उनके दादाजी इंद्रनाथ चीमा और पिता चौधरी सत्यदेव चीमा पाकिस्तान के सियालकोट के भोपालवाला पिंड गांव में रहते थे। दादाजी पाकिस्तान में स्कूल टीचर थे। भारत-पाकिस्तान देश विभाजन के बाद वो भरतपुर आ गए। उनका इस छोटी सी कुरान के प्रति इतना लगाव और सम्मान था कि कीमती सामान को छोड़कर भी वह इसे संभालकर अपने साथ लाए। बीते कई पुश्तों से यह कुरान शरीफ उनके परिवार के पास आदर-सम्मान के साथ मौजूद है।
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कलात्मक कवर और पढ़ने के लिए प्राचीन मैग्निफाइंग लेंस भी मौजूद...
अरबी भाषा में लिखी दुनिया की इस सबसे छोटी कुरान के ऊपर कलात्मक कवर लगा हुआ है। पढ़ने के लिए साथ में प्राचीन मैग्निफाइंग लेंस भी मौजूद है। इस कुरान में सभी आयतें लिखीं हुई हैं। चीमा परिवार ने इसे आस्था और सम्मान के साथ रख रखा है। चीमा कहते हैं कि यह हमारी विरासत है। चीमा ने बताया कि फतेहपुर सीकरी दरगाह की सज्जादानशीन ने उन्हें इसके लिए सम्मानित भी किया था। मथुरा गेट शमशेर बहादुर मस्जिद के मौलाना अब्दुल सलाम ने बताया कि यह भरतपुर के लिए गौरव की बात है। सभी लोगों को सभी धर्मों के प्रति इसी प्रकार सम्मान रखना चाहिए।

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