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स्वास्थ्य मंत्री की सेवा में लगे हैं डॉक्टर
जयपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 17 Jan 2013 12:21 PM IST
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जहां एक तरफ राज्य के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह में स्टाफ की कमी की समस्या बताई जाती है, वहीं दूसरी तरफ नियमों के विपरीत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ए.ए. खान की सेवा में अस्पताल के करीब तीन दर्जन कर्मचारी लगे हुये हैं।
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अस्पताल में मरीजों को छोड़ स्वास्थ्य मंत्री के घर डॉक्टर, नर्सेज का जमघट लगा हुआ है। इनमें चिकित्सा अधिकारी और तीन नर्सिंग स्टाफ भी शामिल हैं। इसका खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता सत्यनारायण पारीक के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ।
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सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जून 2012 में अस्पताल के तीन दर्जन कर्मचारी चिकित्सा मंत्री के घर में काम कर रहे थे। अब भी कर्मचारियों की संख्या लगभग यही बनी हुई है। वर्तमान हालातों में राजधानी जयपुर समेत राज्य के सरकारी अस्पतालों में इस समय नर्सिंग स्टाफ की काफी कमी है। सवाई मानसिंह अस्पताल में 30 से 50 प्रतिशत तक नर्सिंग स्टाफ की कमी है।
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जबकि कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के नियमों के मुताबिक मंत्री के पास किसी डॉक्टर, नर्सेज, इंजीनियर जैसे कर्मचारी घर पर सेवा नहीं दे सकते हैं। विभाग की ओर से नियमों के संबंध में दी गई सूचना के मुताबिक मंत्रिमंडल की ओर से लिए निर्णयानुसार मंत्रियों व राज्य मंत्रियों के कार्यालय में 1 निजी सचिव, 2 निजी सहायक, 2 लिपिक, 1 स्टेनो व 4 चतुर्थ श्रेणी कर्मी लगा सकते हैं।
मालूम हो कि इन्हीं चिकित्सा मंत्री खान ने ही सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टरों को नसीहत दी थी। उन्होंने डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुये कहा था कि डॉक्टर एसएमएस अस्पताल नहीं जाना चाहते। वे निजी प्रेक्टिस करते हैं और रोजाना हजारों रूपये कमाते हैं।