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Rajasthan: 14 साल बड़ा पति, बाल विवाहिता ससुराल नहीं गई, पंचायत ने 25 लाख जुर्माना लगाया तो उठाया खौफनाक कदम
Sun, 11 Dec 2022 07:13 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 11 Dec 2022 07:13 PM IST
सार
10 दिसंबर को पंचायत होनी थी। सुबह पीड़िता खेत पर गई थी, दोपहर करीब एक बजे वापस घर लौटी तो कुछ देर बाद उसने उल्टियां करना शुरू कर दिया। जहरीला पदार्थ पीने की आशंका होने पर परिवार उसे तुरंत अस्पताल लेकर गया, जहां प्राथमिकी उपचार के बाद उसे जोधपुर मथुरा दास अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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अस्पताल में भर्ती पीड़िता।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान के जोधपुर जिले में एक विवाहित ने कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पीड़िता ने ऐसा कदम क्यों उठाया उसका कारण और हैरान करने वाला है।
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दरअसल, जिले के लोहावट के गांव धोलासर की रहने वाले सरला विश्नोई (22) पिता पूनाराम विश्नोई का साल 2012 में बाल विवाह हुआ था। उस समय वह सिर्फ 12 साल की थी, जबकि उसका पति 26 साल था यानी उससे 14 साल बड़ा था। दादी की मौत के बाद 2012 में पूनाराम ने अपनी बहन और बेटी सरला की शादी एक साथ कर दी थी। नाबालिग होने के कारण सरला का गौना नहीं हुआ था। वह 18 साल की हुई तो ससुराल वाले उसका गौना करने के लिए दबाव बनाने लगे। इधर, सरला ने बचपन में हुई शादी को मानने से इनकार कर दिया।
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सरला के पिता पूनाराम ने बताया कि बेटी के ससुराल वालों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। वह जान से मारने की धमकियां तक देने लग गए थे। इस संबंध में उन्होंने 19 नवंबर को थाने में केस भी दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। बेटी को ससुराल नहीं भेजने पर खाप पंचायत ने 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा दिया था। 10 दिसंबर को गांव में पंचायत बैठनी थी। उनके ऊपर जुर्माना भरने का दबाव था। पूनाराम ने बताया कि वह किसानी कर घर खर्च चलाता है, इतनी रकम जुटा पाना उसके लिए संभव नहीं था। इसे लेकर परिवार और सरला काफी परेशान थी।
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शुक्रवार 10 दिसंबर को पंचायत होनी थी। सुबह सरला खेत पर गई थी, दोपहर करीब एक बजे वापस घर लौटी तो कुछ देर बाद उसने उल्टियां करना शुरू कर दिया। आशंका हुई कि उसने कुछ खा-पी लिया है। उसे तुरंत फलौदी अस्पताल लेकर आए, जहां प्राथमिकी उपचार के बाद उसे जोधपुर मथुरा दास अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इधर, मामले की जानकारी सखी सेंटर की प्रबंधक निशा गौड़ को लगी तो वह सरला से मिलने के लिए अस्पताल पहुंची। इस दौरान सरला ने उनसे कहा कि मैं मरना नहीं चाहती। भूगोल में एमए कर रही हूं। अपने पैरों पर खड़ी होकर खुद और परिवार के लिए कुछ करना चाहती हैं। बचपन में हुई शादी मुझे मंजूर नहीं। ससुराल जाने से मना किया तो खाप पंचायत ने 25 लाख का दंड लगा दिया। ससुराल वाले परिवार को धमकियां दे रहे हैं। इससे तंग आकर कीटनाशक पी लिया। सखी सेंटर की प्रबंधक निशा ने सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही उसे बाल विवाह से मुक्ति दिलाने के लिए वकील सहित अन्य सहायता देने की भी बात कही है।