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Swimmer Jharana Kumawat: मधुमेह पीड़ित बिटिया ने पार किया इंग्लिश चैनल, लहरों से लड़कर हासिल किया मुकाम
Mon, 29 Aug 2022 02:20 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, उदयपुर।
एजेंसी, उदयपुर।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 29 Aug 2022 02:20 AM IST
सार
एकमात्र भारतीय अंतरराष्ट्रीय ओपन वाटर तैराक झरना ने 3 अगस्त को अपनी पांच सदस्यीय रिले टीम के साथ चैनल पार करके देश का नाम रोशन किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अगर कुछ करने का जज्बा और जुनून हो तो बीमारी भी आपके राह में रुकावट नहीं डाल सकती। कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है मधुमेह पीड़ित झरना कुमावत ने। राजस्थान के उदयपुर की रहने वालीं झरना ने हाई टाइड और खराब मौसम के बीच इंग्लिश चैनल को पारकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
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एकमात्र भारतीय अंतरराष्ट्रीय ओपन वाटर तैराक झरना ने 3 अगस्त को अपनी पांच सदस्यीय रिले टीम के साथ चैनल पार करके देश का नाम रोशन किया। झरना अभी इंग्लैंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में कांन्ट्रैक्ट अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
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पिछले 12 साल से इंग्लैंड में रहने वालीं झरना गत तीन साल से ओपन वॉटर स्विमिंग कर रही हैं। अपने सफर के बारे में उन्होंने बताया कि इंग्लैंड के डोवर बीच से फ्रांस तक का 33 किमी का समुद्री रास्ता बेहद जोखिम भरा था। उनकी रिले टीम ने 14 घंटे 40 मिनट में यह दूरी सफलतापूर्वक पार की। इस रिले में ब्राजील, मोजाम्बिक, केन्या, पेरू और इंडोनेशिया के तैराक भी उनके साथ थे। डोवर बीच से शुरुआत करने के बाद प्रत्येक तैराक को एक बार में सवा घंटे तक स्वीमिंग करनी थी।
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दूसरी बार तैराकी में खराब हुआ मौसम
तैराकी के क्रम में झरना को दो बार (शाम सात बजे और रात 2 बजे) स्विमिंग का मौका मिला। झरना ने पहली बार में मौसम थोड़ा सा अनुकूल होने पर 1 घंटे 15 मिनट में साढ़े चार किमी की दूरी तय की। उसके बाद बोट पर वापस आ गईं। जब दोबारा नंबर आया तब मौसम खराब हो चुका था। समंदर की ऊंची लहरों के बीच जब वह आगे बढ़ने की कोशिश करतीं तो लहरें फिर से पीछे फेंक देतीं।
इस समय पानी भी ज्यादा ठंडा था और खारा पानी उनके मुंह में जाने पर उल्टी आ रही थी। रात के अंधेरे में कुछ भी देख पाना मुश्किल हो रहा था। ऊंची उठती लहरों पर 1 घंटा 15 मिनट तक तैराकी करते हुए आखिकार झरना ने अपना सफर तय कर ही लिया। हालांकि, यह समय बहुत ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा। सी सिकनेस और उल्टियों की वजह से थक कर चूर हो गई थीं।
टाइप वन मधुमेह से पीड़ित हैं झरना
झरना बताती हैं कि वह टाइप वन मधुमेह मरीज हैं। उन्हें दिन में कई बार चिकित्सा व जांच की जरूरत पड़ती है। इंग्लिश चैनल तैराकी के दौरान भी उन्हें लगातार इंजेक्शन लेने पड़े। उनकी शरीर में ग्लूकोज मॉनिटर फिक्स है।