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Rajasthan: इन जिलों के स्कूलों में हुआ सूर्य नमस्कार, विरोध और विवाद के बीच स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया

Thu, 15 Feb 2024 05:10 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 15 Feb 2024 05:10 PM IST
सार

राजस्थान में विरोध और विवाद के बीच आज सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम संपन्न हुआ। राज्य के करीब 76 हजार स्कूलों में गुरुवार सुबह 10.30 बजे से 11 बजे तक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम हुआ। हालांकि, इसे लेकर विवाद भी काफी हो रहा है। मुस्लिम संगठनों ने सूर्य नमस्कार को इस्लाम विरोधी बताते हुए इसका बहिष्कार भी किया।

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Rajasthan Surya Namaskar took place in schools of these districts
धौलपुर में सूर्य नमस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूर्य सप्तमी के मौके पर राज्य सरकार के निर्देश पर धौलपुर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धौलपुर जिले के 1,889 स्कूलों में सुबह 10:30 बजे 3,53,000 छात्र-छात्रओं ने प्रार्थना सभा के बाद सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार किया।

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जिला शिक्षा अधिकारी महेश मंगल ने बताया कि शिक्षा विभाग के आदेश के बाद 15 फरवरी को सूर्य सप्तमी के मौके पर सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जाना था, जिसको लेकर जिले के सभी 1,889 प्राइमरी, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी, संस्कृत और निजी विद्यालय को सुबह 10:30 से 11:00 तक सामूहिक रूप से प्रार्थना सभा के बाद सूर्य नमस्कार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा के बाद सुबह 6:30 बजे सामूहिक सूर्य नमस्कार का सफल आयोजन कराया गया है। इसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ सभी शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे हैं। सूर्य नमस्कार के दौरान जिला मुख्यालय स्थित महाराणा स्कूल, गर्ल्स स्कूल, सिटी कोतवाली, इन्फेंट स्कूल, सिटी जुबली हॉल स्कूल के साथ सभी निजी स्कूलों में संस्था प्रधानों के साथ शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान जिले भर में सूर्य नमस्कार का आयोजन शांति पूर्ण संपन्न करने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
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करौली में सूर्य नमस्कार
करौली में सूर्य सप्तमी के अवसर पर जिले के 2,000 से अधिक सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम करौली के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में करौली कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, सीईओ जिला परिषद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, कलेक्टर और सीईओ ने कार्यक्रम के दौरान सूर्य ने नमस्कार में हिस्सा नहीं लिया। जो लोगों में चर्चा का विषय रहा। सूर्य नमस्कार के दौरान पांच बार 12 अलग-अलग क्रियाएं कराई गई। सूर्य नमस्कार के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया।
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जिले के 1,435 सरकारी और 587 गैर सरकारी विद्यालयों में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस के जिला कार्यवाह देवी सिंह ने कहा कि सूर्य नमस्कार के माध्यम से शरीर में होने वाली विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। साथ ही सूर्य नमस्कार पूरे शरीर का व्यायाम करता है, जिससे विभिन्न शारीरिक बीमारियों से बचा जा सकता है।

झुंझुनूं में तीन हजार से अधिक स्कूलों में किया सूर्य नमस्कार
झुंझुनूं जिले में लगभग तीन हजार से ज्यादा स्कूलों में सूर्य नमस्कार का प्रोग्राम हुआ। सुबह 10:30 से लेकर 10:45 तक विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक समेत पांच लाख से अधिक लोगों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया। सूर्य नमस्कार की सभी 12 मुद्राएं, सूर्य नमस्कार के दौरान छात्र ड्रेस कोड में नजर आए। छात्राएं सलवार सूट या ट्रैकसूट में तथा छात्र पैंट शर्ट या ट्रैक सूट में कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी मनोज ढाका ने बताया कि आज जिले भर की सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम हुआ है। पांच लाख से अधिक विद्यार्थी व अभिभावकों के शामिल होने का अनुमान है।



ढाका ने बताया कि सूर्य की उत्पत्ति लगभग 4.60 अरब वर्ष पूर्व हुई थी, क्योंकि सूर्य के कारण जलवायु परिवर्तन होता है इसके कारण धरती पर जीव जंतुओं की उत्पत्ति और प्रोग्रेस होती है। अगर सूर्य नहीं होता तो जीवन संभव नहीं होता।

इस दौरान विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार से जुड़े लाभ बताए गए, उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार से मस्तिष्क में शुद्ध ऑक्सीजन पहुंचती है, जिससे अभ्यासी शारीरिक रूप से स्वस्थ मानसिक रूप से सतर्क तथा भावनात्मक रूप से संतुलित रहते हैं। बढ़ते बच्चों में बचपन तथा किशोरावस्था की बीच की अवधि को संतुलित बनाने में मदद मिलती है।

कोटा के महाराव उम्मेद सिंह सिंह स्टेडियम में हुआ जिला स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम
सूर्य सप्तमी के अवसर पर प्रदेश भर में 15 फरवरी को आयोजित विराट सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के अंतर्गत कोटा जिले में भी सूर्य नमस्कार का आयोजन वृहत स्तर पर किया गया। यहां जिला स्तरीय कार्यक्रम कोटा के नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों की उत्साह जनक भागीदारी रही।



सूर्य नमस्कार में किशोर वय बालक-बालिकाओं से लेकर 90 वर्ष तक के वयोवृद्ध एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी उत्साह से भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में विधिवत सूर्य नमस्कार के आसन कराए गए। साथ ही मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार का महत्व भी बताया गया। जिला कलेक्टर डॉ. रवींद्र गोस्वामी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि गण, एडीएम सिटी बृजमोहन बैरवा, सीईओ जिला परिषद ममता तिवारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं विभिन्न संस्थाओं से जुड़े नागरिकों की भागीदारी रही।

सवाई माधोपुर में सूर्य नमस्कार
राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार सूर्य सप्तमी के अवसर पर सवाई माधोपुर जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। सूर्य सप्तमी पर स्कूलों में आयोजित प्रार्थना सभा के बाद जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। जिले के करीब 700 स्कूलों में तकरीबन डेढ लाख से भी अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ और एक समय पर अलग-अलग स्कूलों में सूर्य नमस्कार किया।

जिले के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों ने भी सूर्य नमस्कार किया। गौरतलब है कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान के सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य किया है, जिसके लिए 15 फरवरी का समय निर्धारित किया गया था, जिसके तहत सवाई माधोपुर जिले के भी सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों एंव शिक्षकों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। 

सूर्य नमस्कार स्वस्थ जीवन शैली का आधार, सभी इसे अपनाएं : स्पीकर देवनानी
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि सूर्य नमस्कार स्वस्थ जीवन शैली का आधार है। आज विश्व के कई देश भारतीय योग को अपना कर स्वास्थ्य को चुन रहे हैं. हमें अपने प्रतिदिन के रूटीन में इसे शामिल करना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को क्रीड़ा भारती एवं शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि सूर्य नमस्कार एवं योग पुरातन भारतीय संस्कृति में स्वस्थ जीवन शैली का आधार है। यह हजारों सालों से आमजन को स्वस्थ कर रहा है. इसे किसी धर्म या विवाद से जोड़ा जाना ठीक नहीं है। 




उन्होंने कहा कि निरोगी काया को पहला सुख कहा गया है। मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए जीवन में योग को अपनाना चाहिए। सूर्य नमस्कार सर्वश्रेष्ठ योग है जिससे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। हमें प्रतिदिन योग एवं सूर्य नमस्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में नई पहचान गढ़ रहा है। भारतीय योग को विश्व के कई देशों ने अपनाया है। पूरी दुनिया स्वस्थ जीवन शैली में योग के महत्व को मान रही है। हमारे योग ने सभी को एक नई स्वास्थ्य प्रणाली से परिचित करवाया है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर लोकेश कुमार गौतम सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। गुरुवार को हजारों स्कूली बच्चों ने सूर्य नमस्कार किया।

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