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Rajasthan News: जगन गुर्जर को विदाई देने उमड़ी भीड़, कड़ी सुरक्षा के बीच पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
Wed, 01 Jul 2026 11:55 AM IST
धौलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: धौलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:55 AM IST
सार
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के शिकार हुए चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर के पैतृक गांव भवूतीपुरा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परिजनों, ग्रामीणों और गुर्जर समाज के लोगों ने उसे अंतिम विदाई दी।
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कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या का शिकार हुए चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को उसके पैतृक गांव भवूतीपुरा में पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, गुर्जर समाज के लोगों और समर्थकों ने अंतिम यात्रा में भाग लेकर जगन को अंतिम विदाई दी।
मंगलवार देर शाम प्रशासन और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद सहमति बनने पर करीब 12 घंटे से अधिक समय से चल रहा धरना समाप्त हुआ था। इसके बाद अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव को रात में धौलपुर रवाना किया गया, जहां बुधवार को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई।
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बता दें कि प्रशासनिक अधिकारियों और गुर्जर समाज के प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में हुई वार्ता में सरकार और पुलिस प्रशासन ने परिवार को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने का लिखित आश्वासन दिया है। समझौते के तहत जगन के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा गार्ड देने और उनके गांव व निवास क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा जेल के भीतर हुई इस पूरी वारदात की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने और दोषी कर्मियों व कैदियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया है।
भारी पुलिस जाब्ते के बीच पंचतत्व में विलीन
सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद शव को पैतृक इलाके बाड़ी (धौलपुर) लाया गया। जगन के अंतिम संस्कार को देखते हुए धौलपुर और बाड़ी में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कानून-व्यवस्था न बिगड़े और गुर्जर बाहुल्य इलाकों में किसी भी तरह का बवाल न हो, इसके लिए आरएसी की टुकड़ियों और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया था। चंबल के इस पूर्व दस्यु के अंतिम संस्कार के दौरान सैकड़ों की संख्या में समर्थक और ग्रामीण मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें- डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड: 'काश जन्म लेते ही मर जाता', बेटे के गुनाह से टूटा पिता, परिवार ने मान लिया मरा हुआ
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि तीन राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश) की पुलिस के लिए सिरदर्द रहे और 130 से अधिक आपराधिक मामलों के आरोपी जगन गुर्जर का शव अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल के बैरक में संदिग्ध हालत में मिला था। परिजनों और समर्थकों ने इसे जेल प्रशासन की मिलीभगत से की गई सोची-समझी हत्या करार दिया है। इस घटना ने राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, जिसकी जांच अब फोरेंसिक और न्यायिक स्तर पर की जा रही है।
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मंगलवार देर शाम प्रशासन और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद सहमति बनने पर करीब 12 घंटे से अधिक समय से चल रहा धरना समाप्त हुआ था। इसके बाद अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव को रात में धौलपुर रवाना किया गया, जहां बुधवार को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई।
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बता दें कि प्रशासनिक अधिकारियों और गुर्जर समाज के प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में हुई वार्ता में सरकार और पुलिस प्रशासन ने परिवार को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने का लिखित आश्वासन दिया है। समझौते के तहत जगन के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा गार्ड देने और उनके गांव व निवास क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा जेल के भीतर हुई इस पूरी वारदात की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने और दोषी कर्मियों व कैदियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया है।
भारी पुलिस जाब्ते के बीच पंचतत्व में विलीन
सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद शव को पैतृक इलाके बाड़ी (धौलपुर) लाया गया। जगन के अंतिम संस्कार को देखते हुए धौलपुर और बाड़ी में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कानून-व्यवस्था न बिगड़े और गुर्जर बाहुल्य इलाकों में किसी भी तरह का बवाल न हो, इसके लिए आरएसी की टुकड़ियों और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया था। चंबल के इस पूर्व दस्यु के अंतिम संस्कार के दौरान सैकड़ों की संख्या में समर्थक और ग्रामीण मौजूद रहे।
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क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि तीन राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश) की पुलिस के लिए सिरदर्द रहे और 130 से अधिक आपराधिक मामलों के आरोपी जगन गुर्जर का शव अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल के बैरक में संदिग्ध हालत में मिला था। परिजनों और समर्थकों ने इसे जेल प्रशासन की मिलीभगत से की गई सोची-समझी हत्या करार दिया है। इस घटना ने राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, जिसकी जांच अब फोरेंसिक और न्यायिक स्तर पर की जा रही है।