देवगढ़ पुजारी हत्याकांड: आश्रितों को 20 लाख की सरकारी सहायता, एक बेटे को संविदा पर नौकरी देने पर बनी सहमति
देवगढ़ पुजारी को जलाए जाने से आक्रोशित लोग धरने पर बैठ गए थे। परिजन सरकार से 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि, देर रात सरकार और परिजनों में 20 लाख रुपये पर सहमति बनी।
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राजसमंद के देवगढ़ के पुजारी नवरत्न की शनिवार को मौत हो गई थी। अब सरकार ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये सहायता राशि देने का एलान किया है। इसके साथ ही मृतक के एक बेटे को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी।
बता दें कि 20 नवंबर को देवगढ़ उपखंड क्षेत्र की विजयपुरा ग्राम पंचायत के पुजारी और उसकी पत्नी पर बदमाशों ने पेट्रोल बम से हमला कर दिया था। इस हमले में पुजारी नवरत्न और उनकी पत्नी झुलस गए थे। दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान पुजारी नवरत्न प्रजापत का निधन हो गया। शनिवार को जैसे ही पुजारी का शव देवगढ़ पहुंचा, ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच रात 10 बजे दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
ग्रामीण 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि, 20 लाख रुपये पर सहमति बनी। इस दौरान राजसमंद सांसद दीया कुमारी, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी मौजूद रहे।