फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Desi Gun Dhanush Machine Gun Fires 60 Bullets Per Hour Velocity of 38 km and in 4 Hours Fires 5,000 Shells

Desi Gun Dhanush: 60 मिनट 60 राउंड फायर और 38 किमी मारक क्षमता, चार घंटे में दागे पांच हजार गोले

Sun, 13 Mar 2022 10:49 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sun, 13 Mar 2022 10:49 AM IST
सार

155 एमएम की देसी गन धनुष एक बार में 60 राउंड फायर कर सकती है। साल 2017 में हुए परीक्षण के समय इसका बैरल अधिक गर्म होने और फटने की शिकायत सामने आई थी। इस कारण सेना ने इसे दोबारा तैयार करने के लिए कहा था। अब सफल परीक्षण के बाद इसके सेना में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।  

विज्ञापन
Desi Gun Dhanush Machine Gun Fires 60 Bullets Per Hour Velocity of 38 km and in 4 Hours Fires 5,000 Shells
जानिए धनुष की खासियत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय सेना में देसी गन धनुष के शामिल होने रास्ता साफ हो गया है। भारतीय जमीन पर बनी इस देसी गन धनुष का जैसलमेर के पोकरण में दूसरा सफल परीक्षण किया गया। इससे पहले इसका परीक्षण 2017 में किया गया था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियां सामने आने के बाद इसे रोक दिया गया था। दूसरे परीक्षण के सफल होने के बाद यह पूरी तरह से सेना के काफिले में शामिल होने के लिए तैयार हो गई है।   

विज्ञापन


देसी गन धनुष की क्षमता की बात करें तो 155 एमएम की यह गन एक बार में 60 राउंड फायर कर सकती है। इसके वार करने की क्षमता 38 किलोमीटर तक है। इस गन को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने निजी कंपनी टाटा पावर और भारत फोर्ज के साथ मिलकर तैयार किया था। साल 2017 में हुए परीक्षण के समय इसका बैरल अधिक गर्म होने और फटने की शिकायत भी सामने आई थी। इस कारण सेना ने धनुष गन को दोबारा से तैयार करने के लिए कहा था।  
विज्ञापन


पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्र में किया परीक्षण 
धनुष गन में आईं शिकायतों को लेकर जांच की गई तो सामने आया कि फायर करने वाले गोलों में ही खराबी थी। इससे बैरल फटने की घटना भी हुई थी, इसके बाद सभी कमियां दूर कर नए सिरे से पूरी गन तैयार की गई। पांच हजार गोले रेगिस्तान और पहाड़ी इलाके में दागकर इसका परीक्षण किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हर चुनौती पर खरा उतरी देसी गन 
तीन दिन पहले जैसलमेर की पोकरण रेंज में चार घंटे तक धनुष गन का परीक्षण किया गया। यह परीक्षण दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण के परीक्षण में 45 राउंड फायर किए गए। इसके तुरंत बाद शुरू हुए दूसरे चरण में 45 राउंड फायरिंग की गई। इस दौरान भारतीय सेना के लिए बनाई गई देसी गन ने हर चुनौती को सफलता से पूरा किया।  


एक करोड़ रुपए कीमत
जानकारी के अनुसार भारतीय सेना ने चार साल पहले 118 धनुष गन का ऑर्डर दे दिया था। इसके सफल परीक्षण के बाद 450 देसी गन का ऑर्डर भी जल्द दिया जा सकता है। 12 साल पहले इसकी बनावट का खाका तैयार किया गया था। एक धनुष गन की कीमत 15 करोड़ रुपए है।

जानिए...155 कैलिबर धनुष गन की खासियत 

  • 2010 में डिजाइन बना
  • 2015 में निर्माण
  • 14 करोड़ कीमत 
  • 12 टन वजन 
  • 38 से 47 किमी मारक क्षमता 
  • 15 सेकेंड में तीन राउंड फायर
  • 03 मिनट में 15 राउंड फायर
  • 60 मिनट में 60 राउंड फायर    
  • 2017 में पहला परीक्षण: इस दौरान बैरल गर्म होने और फटने की शिकायत सामने आई। 
  • 2022 में दूसरा परीक्षण: चार घंटे फायर कर पांच हजार गोले दागे। सेना में शामिल होने का रास्ता साफ। 
  • इसे चलाने के लिए छह से आठ जवानों की जरूरत होती है।
  • इसे अलग अलग टुकड़ों में बांटकर कहीं भी ले जाया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed