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Jaipur: डेरा सच्चा सौदा के सत्संग में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भक्तों ने नशा त्यागने का लिया संकल्प
Mon, 06 Feb 2023 11:20 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 06 Feb 2023 11:20 AM IST
सार
डेरा सच्चा सौदा की ओर से जयपुर शहर में एक साथ सात स्थानों पर सत्संग और भंडारे के आयोजन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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सत्संग में उमड़ी भीड़
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
डेरे के दौलतपुरा स्थित रूह-ए-सुख आश्रम सहित जयपुर शहर में एक साथ सात स्थानों पर भंडारे के आयोजन के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इससे एक दिन पहले डेरा सच्चा सौदा की ओर से प्रदेश को स्वच्छता का संदेश देते हुए कई जगह पर साफ-सफाई का आयोजन हुआ था। नशे रूपी दैत्य को जड़ से उखाड़ फेंकने और इंसान के अंदर की सफाई के लिए डेरा सच्चा सौदा की ओर से रूहानियत से सरोबार अनूठा कार्यक्रम हुआ। इसमें एक साथ लाखों लोगों ने गुरु द्वारा शुरू की गई डेप्थ मुहिम से प्रेरित होकर जयपुर सहित पूरे राज्य से नशों को खत्म करने का संकल्प लिया।
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इस मौके पर डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां यूपी के शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा से वर्चुअली जुड़े और साध-संगत को अपने पावन वचनों से निहाल किया। इस भंडारे में राजस्थान प्रदेश के कोने-कोने से भारी तादाद में साध-संगत पहुंची। जिनके लिए जयपुर शहर में सात अलग-अलग सत्संग पंडाल बनाए गए, जिनमें स्टेच्यू सर्किल, हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, शिप्रा पथ थाने के सामने, मानसरोवर, विद्याधर नगर स्टेडियम, सांगानेर पुलिया के नजदीक रेलवे स्टेशन, रूह-ए-सुख आश्रम, दौलतपुरा, जयपुर, सांगानेर स्टेडियम व चौखी ढाणी के पास, बीलवा जयपुर शामिल रहे।
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एमएसजी भंडारे का आगाज डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां को धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा के पवित्र नारे के रूप में बधाई के साथ हुआ। इसके पश्चात कविराजों ने विभिन्न भक्तिमय भजनों के माध्यम से गुरु महिमा का गान किया।
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सत्संग में उमड़ी भीड़
- फोटो : Amar Ujala Digital
प्यारे, प्यारे, म्हारे प्यारे गुरु जान से प्यारा म्हारा गुरु जी… भजन पर झूम उठे श्रद्धालु
एमएसजी महा रहमो करम शुभ भंडारे की बधाई देते हुए पूज्य गुरु ने राजस्थानी भजन ‘प्यारे, प्यारे, म्हारे प्यारे गुरु जी जान से प्यारा म्हारा गुरु जी…’ सुनाकर उपस्थित जनसमूह को झूमने पर विवश कर दिया। गुरु ने फरमाया कि मनुष्य को कर्मयोगी होने के साथ-साथ ज्ञान योगी भी होना चाहिए, क्योंकि ज्ञान होगा तब ही इंसान अच्छे कर्म कर सकेगा। मनुष्य को सुबह भगवान का नाम लेने के पश्चात हक हलाल की कमाई करते हुए इन्सानियत के भले के लिए कार्य करना चाहिए। गुरु ने कहा कि इन्सांन के भले के लिए प्रकृति द्वारा पैदा की गई जड़ी बूटियों को शैतान बने इन्सांन से नशीले पदार्थों का रूप दे दिया और इन्हीं असीमित सेवन से बेमौत मर रहा है, इसलिए सभी नशे से रहित जीवन जीना चाहिए। सत्संग के दौरान उपस्थित नशा छोड़ने के अभिलाषी युवक-युवतियों के साथ-साथ साध-संगत को भी नशे से दूर रहने व समाज को नशामुक्त करने की शपथ दिलवायी।
बाल विवाह रोकने का किया आह्वान
गुरु ने सत्संग के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने का आह्वान किया, जिस पर उपस्थित साध-संगत ने हाथ उठाकर संकल्प लिया।
एमएसजी महा रहमो करम शुभ भंडारे की बधाई देते हुए पूज्य गुरु ने राजस्थानी भजन ‘प्यारे, प्यारे, म्हारे प्यारे गुरु जी जान से प्यारा म्हारा गुरु जी…’ सुनाकर उपस्थित जनसमूह को झूमने पर विवश कर दिया। गुरु ने फरमाया कि मनुष्य को कर्मयोगी होने के साथ-साथ ज्ञान योगी भी होना चाहिए, क्योंकि ज्ञान होगा तब ही इंसान अच्छे कर्म कर सकेगा। मनुष्य को सुबह भगवान का नाम लेने के पश्चात हक हलाल की कमाई करते हुए इन्सानियत के भले के लिए कार्य करना चाहिए। गुरु ने कहा कि इन्सांन के भले के लिए प्रकृति द्वारा पैदा की गई जड़ी बूटियों को शैतान बने इन्सांन से नशीले पदार्थों का रूप दे दिया और इन्हीं असीमित सेवन से बेमौत मर रहा है, इसलिए सभी नशे से रहित जीवन जीना चाहिए। सत्संग के दौरान उपस्थित नशा छोड़ने के अभिलाषी युवक-युवतियों के साथ-साथ साध-संगत को भी नशे से दूर रहने व समाज को नशामुक्त करने की शपथ दिलवायी।
बाल विवाह रोकने का किया आह्वान
गुरु ने सत्संग के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने का आह्वान किया, जिस पर उपस्थित साध-संगत ने हाथ उठाकर संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रस्तुति देतीं बालिकाएं
- फोटो : Amar Ujala Digital
राजस्थानी संस्कृति की छठा बिखरते हुआ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम
इससे पहले गुरु के स्वागत के लिए राजस्थानी छठा बिखरते हुए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ। इसमें शाह सतनाम जी थारा म्हारी गली में आया सहित राजस्थानी संस्कृति से जुड़े गीत पर सात अलग-अलग नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें कच्छी घोड़ी व कठपुतली नृत्य मुख्य आकर्षण थे।
इससे पहले गुरु के स्वागत के लिए राजस्थानी छठा बिखरते हुए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ। इसमें शाह सतनाम जी थारा म्हारी गली में आया सहित राजस्थानी संस्कृति से जुड़े गीत पर सात अलग-अलग नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें कच्छी घोड़ी व कठपुतली नृत्य मुख्य आकर्षण थे।