Dausa: ना शराब पीता ना बेचता था…फिर भी आबकारी अधिकारी ने ठेले वाले को गाड़ी में बैठा दिया, ग्रामीण आगबबूला
Dausa: आबकारी विभाग हाल ही में कुछ दिनों पहले भ्रष्ट दौसा जिला आबकारी अधिकारी कैलाश प्रजापत के द्वारा रिश्वत लिए जाने के मामले में सुर्खियों में आया था। अब एक और नया मामला आबकारी विभाग सामने आया है, जिसमें आबकारी सीआई घनश्याम वैष्णव ने आलूदा गांव में एक अंडे के ठेले लगाने वाले को पूछताछ के नाम पर गाड़ी में बिठा लिया।
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मामला बीते देर शाम का है, जब आबकारी अधिकारी घनश्याम वैष्णव कार्रवाई करने के लिए अलूदा क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां घनश्याम वैष्णव की मानें तो उन्हें सूचना मिली थी कि आलूदा गांव में अंडे का ठेला लगाने वाला रोशन अपने ठेले पर शराब बेचता है। जिसकी कार्रवाई के लिए मौके पर जाकर पूछताछ के लिए उन्होंने रोशन को गाड़ी में बिठाया था। रोशन को जैसे ही गाड़ी में घनश्याम वैष्णव ने बिठाया वहां मौके पर मौजूद लोगों का हुजूम रोशन के पक्ष में उमड़ पड़ा।
इधर मामला गरमाते देख मौके पर पापडदा थाना पुलिस को भी बुलाया गया। उसके बाद भी काफी देर तक बहसबाजी चलती रही। फिर दोनों को थाने पर ले जाकर रात 10:30 बजे के आसपास दोनों पक्षों को समझाइश कर मामला शांत करवाया गया। आबकारी विभाग वैसे तो हर जगह चर्चाओं में रहता है, लेकिन अबकी बार दौसा जिला आबकारी विभाग इसलिए भी खास चर्चाओं में बना हुआ है, क्योंकि यहां के जिला आबकारी अधिकारी कैलाश प्रजापत को एंटी करप्शन ब्यूरो की जयपुर टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आलूदा के पूर्व सरपंच जुगल किशोर की मानें तो आबकारी सीआई घनश्याम वैष्णव का इस तरह बीते कल निर्दोष आदमी को उठाकर आबकारी की गाड़ी में बैठाना गलत था।
उधर इस मामले में पीड़ित रोशन बिलोनिया ने बताया कि वह ना तो शराब पीता है और ना शराब का धंधा करता है, लेकिन बीते कल घनश्याम वैष्णव आबकारी अधिकारी ने उसे शराब बेचने का आरोप लगाते हुए उसे जबरदस्ती आबकारी विभाग की गाड़ी में बिठा लिया।