Dausa News: बीजेपी विधायक भागचंद टांकडा के निर्देश हुए बेअसर, टीकाकरण कार्यक्रम में बरती जा रही कोताही
Dausa News: दौसा जिले के बांदीकुई में उप जिला अस्पताल का ढर्रा सुधारने का नाम ही नहीं ले रहा, तभी तो अस्पताल कार्मिकों की लेटलतीफी से अस्पताल पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
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हम नहीं सुधरेंगे...शायद इसी कहावत को चरितार्थ कर रहा है बांदीकुई का सरकारी अस्पताल। जहां कुछ दिन पहले भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक भागचंद टांकडा अचानक अस्पताल पहुंचे थे। उसके बाद उन्होंने यहां के कर्मचारियों को 10 दिन में सुधारने की बात का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन विधायक की बातों को यहां हवा-हवाई करते हुए बांदीकुई उप जिला अस्पताल का स्टाफ सुधरने को तैयार नहीं है। तभी तो आज टीकाकरण जैसा राष्ट्रीय कार्यक्रम करीब डेढ़ घंटे बाद शुरू हुआ, जिसे लेकर अस्पताल कर्मचारी और टीकाकरण करवाने आए लोगों में आरोप प्रत्यारोप चले।
दौसा का बांदीकुई उप जिला अस्पताल में कार्मिकों का लेटलतीफी से आने का सिलसिला विधायक भागचंद टांकडा की अस्पताल को चेतावनी के बाद भी जारी है। यहां अस्पताल के तमाम कर्मचारियों और अधिकारियों को जल्द रवैया सुधारने की हिदायत यहां हवा-हवाई होती नजर आ रही है। ताजा मामला आज यानी गुरुवार का है, जहां उप जिला अस्पताल बांदीकुई में शिशुओं के टीकाकरण होना था। लेकिन टीकाकरण अभियान प्रभारी नर्सिंग कर्मी बीना मीना के रवैया और लेटलतीफ की वजह से दर्जनों मरीजों के साथ नन्हे-मुन्ने शिशुओं को टीकाकरण ही नहीं हुआ, उन्हें बिना टीका लगवाए ही लौटना पड़ गया। कई लोग टीकाकरण प्रभारी की इंतजार में परेशान होते रहे। इस दौरान एक महिला मरीज द्वारा देरी से आने की शिकायत करने पर महिला नर्सिंग कर्मी बीना मीना आगबबूला हो गई, जिसके चलते हंगामा खड़ा हो गया।
करीब एक घंटे चले हाईवोल्टेज ड्रामा अस्पताल का माहौल खराब करता रहा। इस दौरान धर्मेंद्र टीकाकरण प्रभारी बीना मीना सबको अपनी परेशानी बताती रही। वे इस दौरान कहती रही कि वह दौसा से ट्रेन से आती है और ट्रेन लेट होने की वजह से वह लेट हो गई। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इन कर्मचारियों को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति है, जो इनकी कोताही के चलते राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम बाधित हो।
इधर, मामले को बढ़ता हुआ देखकर अस्पताल प्रशासन भी बीना मीना के इस रवैये से नाराज होकर एक कमेटी का गठन कर दिया। हालांकि, टीकाकरण अभियान की प्रभारी महिला नर्सिंग कर्मी बीना मीना ने भी अस्पताल प्रशासन पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई कर्मचारी देरी से आते हैं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। मेरे साथ अन्याय किया जा रहा है, मुझे आत्महत्या के लिए उकसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी घर पर कई जिम्मेदारी है, जिनका मैं निर्वहन करती हूं।
बीना मीना ने कहा कि अस्पताल प्रशासन मेरे साथ सौतेला व्यवहार करता है। आसपास के कई सेंटरों में टीकाकरण के लिए कर्मचारी मौजूद हैं। लेकिन उनसे काम नहीं लिया जाता है। बालाजी इस पर अस्पताल प्रभारी डॉक्टर अशोक गुर्जर की कहा कि उनकी देरी तैयारी की शिकायत लगातार आती रही है। इससे पहले भी एक कमेटी का गठन कर दिया, जिसमें दो सीनियर डॉक्टर के अलावा एक सीनियर नर्सिंग महिला कर्मचारी को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य और राष्ट्रीय स्तर की है और टीकाकरण होना जरूरी है। लेकिन अक्सर महिला नर्सिंग कर्मी बीना मीना की शिकायत आती रही है और हम उन्हें चेतावनी भी देते रहे हैं। लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ है।
इस मामले की जांच कर रही कमेटी की प्रभारी डॉक्टर मंजू मीणा ने कहा कि हमने 15 दिन पहले भी जांच की थी, अब दोबारा जांच कर रहे हैं। अभी हमने पाया कि वह गंभीर नहीं है और हम उनकी जगह किसी दूसरी एएनएम को चार्ज देंगे।