फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Ajmer News ›   Crime graph of Rajasthan increased by 11.61 percent in one year

Rajasthan: 2022 में 1337 गैंगरेप, 2162 बच्चियां भी हुई अपराध का शिकार, 2021 के मुकाबले इतना बढ़ा क्राइम ग्राफ

Sat, 14 Jan 2023 05:47 PM IST
अर्पित याग्निक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान Published by: अर्पित याग्निक Updated Sat, 14 Jan 2023 05:47 PM IST
सार

राजस्थान में साल 2021 के मुकाबले 2022 में क्राइम 11.61 प्रतिशत बढ़ गया है। रेप के मामलों में 11.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। डकैती के मामले में 33.33 प्रतिशत, जबकि हत्या के प्रयास के मामलों में 21.73 परसेंट की बढ़ोतरी रिकॉर्ड हुई है।

विज्ञापन
Crime graph of Rajasthan increased by 11.61 percent in one year
क्राइम ग्राफ - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

सरकारी रिकॉर्ड बता रहे हैं कि प्रदेश में क्राइम के आंकड़े 2021 के मुकाबले 2022 में बढे़ हैं। इस मसले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि राजस्थान में एफआईआर अनिवार्य की गई है, इसलिए क्राइम के आंकड़े बढे़ हुए नजर आ रहे हैं, लेकिन जनता को न्याय मिल रहा है।

विज्ञापन


11.61 प्रतिशत बढ़ा क्राइम ग्राफ
राजस्थान में क्राइम के आंकड़े साल 2021 के मुकाबले 2022 में 11.61 प्रतिशत बढ़े हैं। साल 2020 में एक लाख 93 हज़ार 279 कुल केस दर्ज हुए थे, जबकि 2022 में दो लाख 39 हज़ार 459 केस रिकॉर्ड किए गए। जो पिछले साल के मुकाबले 11.61 प्रतिशत ज़्यादा हैं। साल 2022 में रेप के मामले 11.93 बढ़े हैं। सबसे ज्यादा इजाफा डकैती के मामलों में हुआ है, जो 33.33 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
विज्ञापन


एक लाख 13 हज़ार 508 केसों में लगी एफआर
प्रदेश में साल 2022 में आईपीसी की धाराओं के तहत दो लाख 39 हज़ार 459 केस दर्ज हुए। स्थानीय और विशेष अधिनियम के तहत 73 हज़ार 345 केस रजिस्टर्ड किए गए। इनमें से एक लाख 13 हज़ार 508 केसों में एफआर लगा दी गई। एक लाख 77 हज़ार 419 केसों में चालान पेश किया गया है। वहीं, 21877 केसों में जांच पेंडिंग चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गैंगरेप के 1337 केस दर्ज हुए
साल 2022 में राजस्थान में गैंग रेप के 1337 केस दर्ज हुए। अन्य रेप के संबंध में 4128 केस दर्ज हुए हैं। जो पिछले साल 2021 के मुकाबले 11.90 प्रतिशत बढ़े हैं। बच्चों और नाबालिग से होने वाले अपराधों में पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत 1628 केस दर्ज हुए। जबकि अन्य पॉक्सो एक्ट के तहत 2162 केस रजिस्टर्ड किए गए। इन दोनों कैटेगरी के दुष्कर्म के मामलों में 887 केसों की जांच फिलहाल पेंडिंग चल रही है।

साल 2022 में एससी जाति अत्याचार के संबंध में 8752 केस दर्ज हुए। हत्या के 99, गंभीर चोट के 11, बलात्कार के 658, गंभीर नुकसान पहुंचाने के 83 केस रजिस्टर्ड हुए। एससी-एसटी एक्ट के तहत 101 और अन्य 7875 केस दर्ज हुए। इनमें साल 2021 के मुकाबले 16.32 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्थान में केसों की पेंडेंसी का प्रतिशत 17 है। सबसे कम पेंडेंसी कोटा ग्रामीण की चार प्रतिशत है और सबसे ज्यादा पेंडेंसी जयपुर ग्रामीण की 39 प्रतिशत है।

क्राइम फिगर बढ़ा, लेकिन लोगों को न्याय दिलाने में पुलिस का काम अच्छा
राजस्थान के एडीजी क्राइम डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा ने कहा कि साल 2020 से 2021 में क्राइम की बढ़ोतरी करीब 11 प्रतिशत थी। 2022 में अपराध के आंकड़े 11.61 प्रतिशत बढ़े हैं, लेकिन लोगों को न्याय दिलाने के मामले में पुलिस ने अच्छा काम किया है। साल 2021 के मुकाबले साल 2022 में मामलों की पेंडेंसी 17 प्रतिशत रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed