Rajasthan: 2022 में 1337 गैंगरेप, 2162 बच्चियां भी हुई अपराध का शिकार, 2021 के मुकाबले इतना बढ़ा क्राइम ग्राफ
राजस्थान में साल 2021 के मुकाबले 2022 में क्राइम 11.61 प्रतिशत बढ़ गया है। रेप के मामलों में 11.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। डकैती के मामले में 33.33 प्रतिशत, जबकि हत्या के प्रयास के मामलों में 21.73 परसेंट की बढ़ोतरी रिकॉर्ड हुई है।
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सरकारी रिकॉर्ड बता रहे हैं कि प्रदेश में क्राइम के आंकड़े 2021 के मुकाबले 2022 में बढे़ हैं। इस मसले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि राजस्थान में एफआईआर अनिवार्य की गई है, इसलिए क्राइम के आंकड़े बढे़ हुए नजर आ रहे हैं, लेकिन जनता को न्याय मिल रहा है।
11.61 प्रतिशत बढ़ा क्राइम ग्राफ
राजस्थान में क्राइम के आंकड़े साल 2021 के मुकाबले 2022 में 11.61 प्रतिशत बढ़े हैं। साल 2020 में एक लाख 93 हज़ार 279 कुल केस दर्ज हुए थे, जबकि 2022 में दो लाख 39 हज़ार 459 केस रिकॉर्ड किए गए। जो पिछले साल के मुकाबले 11.61 प्रतिशत ज़्यादा हैं। साल 2022 में रेप के मामले 11.93 बढ़े हैं। सबसे ज्यादा इजाफा डकैती के मामलों में हुआ है, जो 33.33 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
एक लाख 13 हज़ार 508 केसों में लगी एफआर
प्रदेश में साल 2022 में आईपीसी की धाराओं के तहत दो लाख 39 हज़ार 459 केस दर्ज हुए। स्थानीय और विशेष अधिनियम के तहत 73 हज़ार 345 केस रजिस्टर्ड किए गए। इनमें से एक लाख 13 हज़ार 508 केसों में एफआर लगा दी गई। एक लाख 77 हज़ार 419 केसों में चालान पेश किया गया है। वहीं, 21877 केसों में जांच पेंडिंग चल रही है।
गैंगरेप के 1337 केस दर्ज हुए
साल 2022 में राजस्थान में गैंग रेप के 1337 केस दर्ज हुए। अन्य रेप के संबंध में 4128 केस दर्ज हुए हैं। जो पिछले साल 2021 के मुकाबले 11.90 प्रतिशत बढ़े हैं। बच्चों और नाबालिग से होने वाले अपराधों में पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत 1628 केस दर्ज हुए। जबकि अन्य पॉक्सो एक्ट के तहत 2162 केस रजिस्टर्ड किए गए। इन दोनों कैटेगरी के दुष्कर्म के मामलों में 887 केसों की जांच फिलहाल पेंडिंग चल रही है।
साल 2022 में एससी जाति अत्याचार के संबंध में 8752 केस दर्ज हुए। हत्या के 99, गंभीर चोट के 11, बलात्कार के 658, गंभीर नुकसान पहुंचाने के 83 केस रजिस्टर्ड हुए। एससी-एसटी एक्ट के तहत 101 और अन्य 7875 केस दर्ज हुए। इनमें साल 2021 के मुकाबले 16.32 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्थान में केसों की पेंडेंसी का प्रतिशत 17 है। सबसे कम पेंडेंसी कोटा ग्रामीण की चार प्रतिशत है और सबसे ज्यादा पेंडेंसी जयपुर ग्रामीण की 39 प्रतिशत है।
क्राइम फिगर बढ़ा, लेकिन लोगों को न्याय दिलाने में पुलिस का काम अच्छा
राजस्थान के एडीजी क्राइम डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा ने कहा कि साल 2020 से 2021 में क्राइम की बढ़ोतरी करीब 11 प्रतिशत थी। 2022 में अपराध के आंकड़े 11.61 प्रतिशत बढ़े हैं, लेकिन लोगों को न्याय दिलाने के मामले में पुलिस ने अच्छा काम किया है। साल 2021 के मुकाबले साल 2022 में मामलों की पेंडेंसी 17 प्रतिशत रही है।