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Rajasthan: क्रिकेट छोड़कर UPSC एक्जाम किया क्रैक, सीकर के मनोज ने बिना कोचिंग के पाई सफलता, गांव में जश्न

Fri, 26 May 2023 10:21 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 26 May 2023 10:21 PM IST
सार

सीकर के मनोज महरिया ने पूरे देश में 628वीं रैंक हासिल की है। मनोज ने रणजी क्रिकेट भी खेला है, 2018 में चोट लगने के कारण उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया, फिर पूरा ध्यान पढ़ाई में ही लगाया। अब बिना किसी कोचिंग के उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है।

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Cracking UPSC exam leaving cricket Sikar Manoj got success without coaching
मनोज महरिया ने यूपीएससी किया क्रैक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा परिणामों में सीकर के कूदन गांव के निवासी मनोज महरिया ने पूरे देश में 628वां स्थान प्राप्त कर गांव और अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हुए अपने स्वर्गवासी पिता के सपने को भी पूरा किया है। रणजी क्रिकेटर रहे मनोज के जीवन में बड़ा टर्निंग पॉइंट आया है।
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UPSC सिविल सर्विसेज में सलेक्ट हुए मनोज के पिता राजेंद्र महरिया का स्वर्गवास बहुत साल पहले हो चुका है और 3 बहन भाइयों में सबसे छोटे मनोज हैं। उनकी माता, दादा-दादी और चाचा-चाची ने पिता की कमी महसूस नहीं होने दी।  परिणाम आने पर मनोज की माता तारा देवी, दादा निवास महरिया भावुक हो गये। अपने स्वर्गवासी पिता का सपना उनके पुत्र ने पूरा किया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा और घर में उत्सव का सा माहौल बन गया।
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पढ़ाई के अलावा क्रिकेट और खेलकूद में भी है रुचि
मनोज की खेलकूद में बहुत रुचि है और वह क्रिकेट के बहुत शौकीन हैं। मनोज ने रणजी क्रिकेट भी खेला है लेकिन 2018 में चोट लगने के कारण क्रिकेट छोड़ दिया। फिर पूरा ध्यान पढ़ाई में ही लगाया। बिना किसी कोचिंग के उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। 
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मनोज साधारण परिवार से आते हैं। दो साल तक घर पर रहकर पढ़ाई की। जैसे ही UPSC सिविल सर्विस में पास होने की यह खुशखबरी गांव में फैली। गांव वालों ने मनोज को और उसके परिवार के सदस्यों का मुंह मीठा करा कर बधाई दी और खुद घर पर रहकर ही पढ़ाई करके यह मुकाम पाया है।


पूरे गांव में है खुशी का माहौल
मनोज महरिया के आईएएस बन जाने की खुशी परिवार ही नहीं पूरे गांव में देखने को मिल रही है। घर, परिवार, रिश्तेदारों के साथ पूरे गांव में मनोज के आईएएस बनने का जश्न मनाया जा रहा है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने भी मनोज के सलेक्शन पर उन्हें बधाई दी है। हालांकि 628 वी रैंक आने के कारण मनोज आईएएस नहीं बन पाएंगे। इसलिए उनकी चाहत है कि 2023 में रैंकिंग में सुधार के लिए वो फिर से आईएएस का एग्जाम देंगे। मनोज का सपना है कि वह आईएएस बनकर कलेक्टर बने।
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