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CM Gehlot : यूक्रेन संकट से चिंतित गहलोत बोले, देश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के नियमों में हो बदलाव

Wed, 09 Mar 2022 04:01 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 09 Mar 2022 04:01 PM IST
सार

सीएम गहलोत ने वीसी के जरिए अलवर और नागौर के मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया। इस दौरान मनसुख मंडाविया ने कहा कि राजस्थान में मेडिकल कॉलेज और यूजी और पीजी की सीटों में एक बड़ी वृद्धि हुई है।

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Concerned over Ukraine Crisis CM Ashok Gehlot demands Central Government to change rules for setting up medical colleges in country
मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत। - फोटो : Social Media

विस्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए नागौर और अलवर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम गहलोत ने केंद्र सरकार से मांग कि वे देश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के नियमों को अधिक सरल और व्यावहारिक बनाए। 

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सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र के इस फैसले से सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी अधिकाधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित हो सकेगी। इससे मेडिकल एजुकेशन का दायरा बढ़ेगा और लोगों को अपने निकटतम स्थान पर बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। भारत जैसे बड़े देश में जनसंख्या की तेजी से बढ़ोतरी, अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के साथ ही वर्तमान यूक्रेन संकट के बाद जरूरी हो गया है कि देशभर में मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछे। 

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मेडिकल कॉलेज की स्थापना में केंद्र की हिस्सेदारी बढ़े

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए केंद्र और राज्य की हिस्सा राशि का अनुपात 75:25 था, जिसे बढ़ाकर अब 60:40 कर दिया गया है। राज्यों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को अपनी हिस्सा राशि बढ़ानी चाहिए। 

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राजस्थान की तरह पूरे देश में निशुल्क मिले आईपीडी और ओपीडी चिकित्सा सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश में पूरी प्रतिबद्धता के साथ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण कर रही है। पिछले कार्यकाल में हमने निशुल्क दवा और जांच की सुविधा शुरू की थी। इस बार हमने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कर हर परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की है।


उन्होंने कहा कि इस बार बजट में हमने एक कदम और बढ़ाते हुए चिरंजीवी योजना में बीमा कवरेज की सुविधा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रूपए कर दी है। प्रदेश के प्रत्येक सरकारी अस्पताल में आउटडोर और इनडोर चिकित्सा सुविधाएं निशुल्क की हैं। सीएम गहलोत ने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्र इस दिशा में विचार कर देश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए।


यूपीए सरकार की स्कीम के कारण खुल रहे नए मेडिकल कॉलेज

गहलोत ने कहा कि यह सुखद है कि यूपीए सरकार के समय मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के लिए एस्टेबलिशमेंट ऑफ न्यू मेडिकल कॉलेज अटैच्ड विथ एग्जिस्टिंग डिस्ट्रिक्ट रेफरल हॉस्पिटल्स स्कीम बनाई गई। एनडीए सरकार ने उसे जारी रखते हुए देशभर में मेडिकल कॉलेजों के लिए स्वीकृतियां प्रदान कीं। इस योजना के कारण ही राजस्थान को 23 नए मेडिकल कॉलेज मिल सके। 


उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सौगात मिल चुकी है, लेकिन जालोर, राजसमंद और प्रतापगढ़ जिले इससे वंचित हैं। इन जिलों में भी केंद्र सरकार जल्द मेडिकल कॉलेज स्वीकृत करे। अंतर्राष्ट्रीय मानकों और देश की आवश्यकता के अनुरूप एक हजार की आबादी पर कम से कम चार चिकित्सक होने चाहिए। केन्द्र सरकार इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेजों और उनमें सीटों की संख्या भी बढ़ाए।

राजस्थान में मेडिकल कॉलेजों में वृद्धि राष्ट्रीय औसत से अधिक

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि केन्द्र सरकार का प्रयास है कि देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़े और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि राजस्थान में मेडिकल कॉलेज और यूजी और पीजी की सीटों में एक बड़ी वृद्धि हुई है जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना होने से राजस्थान के लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। चिकित्सा मंत्री मंडाविया ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेजों का काम समय पर पूरा हो सकेगा। 


 

14-15 प्रकार की विशिष्ट सुविधा होगी अब उपलब्ध

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  परसादी लाल मीणा ने कहा कि अलवर और नागौर में कुल 650 करोड़ रूपए की लागत से नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण करवाया जा रहा है। नागौर मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में 189 बेड और अलवर में बनने वाले अस्पताल में 100 बेड उपलब्ध होंगे। अब तक यहां जिला अस्पतालों में 4-5 प्रकार की ही विशेष सुविधाएं उपलब्ध हो पाती थीं। नए मेडिकल कॉलेज बनने से 14 से 15 प्रकार की विशिष्ट चिकित्सा सुविधाएं और उपलब्ध होंगी। उच्च स्तरीय चिकित्सा के साथ रिसर्च की सुविधा भी मिल सकेगी। इनमें एक-एक स्किल लैब भी शुरू होने से विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल क्लिनिकल ट्रेनिंग मिल सकेगी। 

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