राजस्थान: कहीं पर बहुत ज्यादा तो कहीं बहुत कम बारिश, मुख्यमंत्री गहलोत ने जताई चिंता
राजस्थान के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के कोटा संभाग में सामान्य से 87.2 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इन संभागों के कई इलाकों में अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा जिससे संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचा।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य में हो रही विषम वर्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत अधिक बारिश हुई है तो अन्य इलाकों में सामान्य से भी कम पानी बरसा है। गहलोत ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में अगस्त में भी बारिश होती है, जिससे कमी पूरी हो सकती है। मौसम विभाग के इस बार के पूर्वानुमान से भी यही उम्मीद है
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 'राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश और कुछ में औसत से कम बारिश चिंता का विषय है। विभिन्न जिलों में विशेष निरीक्षण के लिए प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं ताकि प्रभावितों को समय पर सहायता प्रदान की जा सके।' जल संसाधन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक जून से 12 अगस्त तक, राज्य में सामान्य से 8.3 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई।
प्रदेश के कई हिस्सों में अतिवृष्टि एवं कुछ हिस्सों में बारिश औसत से कम हुई है जो चिंता का विषय है। प्रशासन को स्थिति के अनुसार अलग-अलग जिलों में विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए हैं जिससे पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 12, 2021
जल संसाधन विभाग के डाटा के अनुसार, राज्य के 33 में से 10 जिले कम वर्षा की श्रेणी में हैं। नौ जिले सामान्य बारिश की श्रेणी में हैं और बाकी 14 जिले अत्यधिक बरसात की श्रेणी में हैं। डाटा के मुताबिक, पांच जिलों में असामान्य बारिश हुई है और अल्प वर्षा की श्रेणी में कोई भी जिला नहीं है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार भारी बारिश के चलते राजस्थान के बांधों में जलस्तर में इजाफा हुआ है। है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 727 बांधों में से 117 पूरी तरह से भरे हुए हैं, 311 आंशिक रूप से भरे हुए हैं और 227 खाली हैं। 22 अन्य बांधों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। 10 दिन पहले तक सिर्फ 39 ही पूरी तरह भरे हुए थे जबकि 336 खाली थे।