सांवलिया सेठ: देवास से पहुंचा श्रद्धालु, मन्नत पूरी होने पर चढ़ाई 11 किलो चांदी, पहचान रखी गुप्त
चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित प्रसिद्ध श्री साँवलिया सेठ मंदिर में मध्य प्रदेश के देवास से आए एक श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने पर भगवान को 11 किलो चांदी अर्पित की। खास बात यह रही कि श्रद्धालु ने अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी।
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चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का एक और अनूठा उदाहरण देखने को मिला। मध्य प्रदेश के देवास क्षेत्र से आए एक श्रद्धालु ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में 11 किलो चांदी अर्पित की। खास बात यह रही कि इतना बड़ा चढ़ावा देने के बावजूद श्रद्धालु ने अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी।
गुमनाम रहकर अर्पित की 11 किलो चांदी
श्री साँवलिया जी मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह के अनुसार श्रद्धालु ने बिना किसी प्रचार-प्रसार या पहचान जाहिर किए भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में 11 किलो चांदी का चढ़ावा अर्पित किया। आमतौर पर बड़े दान या चढ़ावे के बाद लोग अपनी पहचान सामने लाते हैं, लेकिन इस श्रद्धालु ने गुमनाम रहकर अपनी श्रद्धा और भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। भक्त की इस निष्काम भक्ति और निस्वार्थ भाव की मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है।
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देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र
श्री सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और देश के कई राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसी विश्वास के चलते मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सोना-चांदी, नकदी, गुप्त दान, आभूषण, विशेष वेशभूषा और कलाकृतियां भगवान को अर्पित करते हैं। श्री सांवलिया सेठ मंदिर में समय-समय पर बड़े दान और अनोखे चढ़ावे आते रहते हैं, लेकिन 11 किलो चांदी का यह गुप्त चढ़ावा पूरे क्षेत्र में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।