Blackmail Scandal: मोहाली से पहले राजस्थान के इस कांड से दहला था देश, 100 से ज्यादा लड़कियां बनीं थीं शिकार
Blackmail Scandal: पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी लड़कियों की अश्लील तस्वीरें एक लैब पर धुलवाते थे। लैब के कर्मचारी ने भी उन लड़कियों को धमकाना शुरू कर दिया। उसने भी कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया। मामले के खुलासे के बाद कई लड़कियों ने आत्महत्या कर ली थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Blackmail Scandal: मोहाली की निजी यूनिवर्सिटी की छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर वायरल कर दिए गए। हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की ने करीब 60 लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए हैं। आरोपी लड़की ने पुलिस पूछताछ में कहा कि उससे ब्लैकमेल कर वीडियो बनवाए जा रहे थे। इस मामले की चर्चा देशभर हो रही है, लेकिन 21 अप्रैल 1992 को इससे भी ज्यादा भयानक घटना राजस्थान के अजमेर जिले से सामने आई थी। जहां स्कूल और कॉलेज की 100 से ज्यादा छात्रों को फंसाकर उनका यौन शोषण और गैंगरेप तक किया गया था। इस दौरान कई लड़कियों ने आत्महत्या तक कर ली थी। इस पूरे कांड में कई रसूखदार लोग नामजद आरोपी बनाए गए थे। आइए आपको बताते हैं, हैवानियत और दरिंदगी से भरी इस रुहकंपा देने वाली वारदात के बारे में।
साल 1992 और तारीख थी 21 अप्रैल, इस दिन एक अखबार ने बड़ा खुलासा किया। जिसके बाद सामने आया कि अजमेर में रसूखदार परिवारों के लोगों ने स्कूल और कॉलेज की 100 से ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण किया। दावा किया गया कि इनमें से कई लड़कियों के साथ गैंगरेप भी किया गया है। हालांकि, उस दौरान ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। इसके बाद 15 मई को अखबार ने कई लड़कियों की तस्वीरों को धुंधलाकर छापा और उनके बयान भी लिखे। इसके बाद इस मामले की चर्चा देश भर में होने लगी।
लड़कियों ने अपने बयान में बताया कि शहर के कुछ रसूखदार परिवार के लोगों ने उन्हें फंसाया और उनका यौन शोषण किया। इस दौरान उनके अश्लील फोटो भी ले लिए। इसके बाद उन्हें डराया और धमकाया जाने लगा। लड़कियों पर उनकी सहेलियों को साथ लाने का भी दबाव बनाया जाता, ऐसा नहीं करने पर उनके अश्लील फोटो घर वालों को दिखाने सहित अन्य तरह की धमकियां भी दी जाती थीं। लड़कियां खुद को बचाने के लिए अपनी सहेलियों को ले जाती। इस तरह आरोपियों ने एक-एक कर 100 से ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसा और उनका यौन शोषण किया। इस दौरान कई लड़कियों के साथ गैंगरेप भी किए गए।
अखबार के खुलासे के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि आरोपी लड़कियों की अश्लील तस्वीरें एक लैब पर धुलवाते थे। लैब के कर्मचारी ने भी उन लड़कियों को धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने भी कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया। सबसे दर्दनाक बात तो यह है कि मामले के खुलासे के बाद कई लड़कियों ने आत्महत्या कर ली। कहा जाता है कि नौबत यहां तक आ गई थी कि शहर की लड़कियों से शादी करने के लिए भी कोई तैयार नहीं था।
मामले की जांच में इस कांड के आरोपियों के खुलासे हुए तो सब हैरान रह गए। ज्यादातर आरोपी रसूखदार परिवार के थे। अजमेर के सबसे चर्चित चिश्ती परिवार का नाम भी इस कांड में जुड़ा। पुलिस ने नफीस चिश्ती और फारूक चिश्ती को आरोपी बनाया, दोनों उस दौर में यूथ कांग्रेस के नेता भी थे। पुलिस ने 17 लड़कियों की गवाही के बाद 18 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया। जिनमें से आठ को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।