{"_id":"63085f70e1c3f42b07671403","slug":"candidates-adopting-every-trick-to-make-the-students-in-their-favor-in-rajasthan-students-union-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: वोट के लिए कुछ भी करेगा, मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी हुए नतमस्तक, कर रहे चरण वंदना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: वोट के लिए कुछ भी करेगा, मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी हुए नतमस्तक, कर रहे चरण वंदना
Fri, 26 Aug 2022 01:26 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 26 Aug 2022 01:26 PM IST
सार
कॉमर्स कॉलेज में प्रत्याशी अपने मतदाताओं के सामने चरणबद्ध होते देखे जा रहे है। समर्थक भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने के लिए छात्र-छात्राओं के सामने हाथ जोड़कर विनती कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस तरह वोट मांग रहे प्रत्याशी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्रसंघ चुनाव के दौरान अजब गजब मामले सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां दौसा में मंगेतर का सपना पूरा करने के लिए एक छात्रा छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही है। वहीं, सीकर के कॉमर्स कॉलेज में प्रत्याशी अपने मतदाताओं के सामने जमीन पर लेट कर नतमस्तक होते देखे जा रहे है। इतना ही नहीं, बल्कि समर्थक भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने के लिए छात्र-छात्राओं के सामने हाथ जोड़कर विनती कर रहे हैं।
बता दें कि, कोरोना की वजह से राजस्थान में पिछले दो सालों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो सके थे। लेकिन इस बार चुनाव कराने का ऐलान किया गया है। जिसके बाद प्रदेश की करीब 15 यूनिवर्सिटी और 400 से अधिक सरकारी और करीब 500 प्राइवेट कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेशभर के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में 26 अगस्त को मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। जबकि 27 अगस्त को मतगणना की जाएगी। छात्रसंघ चुनाव में खड़े हुए प्रत्याशी अपनी जीत के लिए छात्रों के सामने नतमस्तक है। वहीं, अन्य छात्र भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदाताओं को करने के लिए हरसंभव प्रयास करने में जुटे हैं। यहां तक की मतदाताओं से हाथ जोड़कर अपने प्रत्याशी को जीताने की अपील कर रहे हैं।
विज्ञापन
मंगेतर का सपना पूरा करने के लिए छात्रा लड़ रही छात्रसंघ चुनाव
कॉलेज निदेशालय की तरफ से इस बार केवल अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट के चुनाव लड़ने का आदेश जारी किया गया है। नियम आड़े आने के बाद पोस्ट ग्रेजुएट के छात्र रत्तीराम का सपना चुनाव लड़ने का पूरा नहीं हो सका। रतिराम दौसा के स्वर्गीय पंडित नवल किशोर स्नातकोत्तर कॉलेज से पढ़ाई कर रहे है। उन्होंने इसी कॉलेज से पढ़ाई कर रही बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट सपना को छात्रसंघ चुनाव लड़ाने का फैसला किया। सपना से उनकी शादी की बात चल रही थी। लिहाजा रतिराम ने चट मंगनी कर उन्हें अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बना दिया। फिलहाल रतीराम अपनी मंगेतर को जीताने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
लड़कियों से वोट देने की मनुहार करते प्रत्याशी। आज राजस्थान में छात्र संघों के चुनाव हो रहे। ये वीडियो भरतपुर का है#Bharatpur #Rajasthan pic.twitter.com/xZQam2uj9T
— Alok Kumar (@dmalok) August 26, 2022विज्ञापन
बता दें कि, कोरोना की वजह से राजस्थान में पिछले दो सालों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो सके थे। लेकिन इस बार चुनाव कराने का ऐलान किया गया है। जिसके बाद प्रदेश की करीब 15 यूनिवर्सिटी और 400 से अधिक सरकारी और करीब 500 प्राइवेट कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेशभर के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में 26 अगस्त को मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। जबकि 27 अगस्त को मतगणना की जाएगी। छात्रसंघ चुनाव में खड़े हुए प्रत्याशी अपनी जीत के लिए छात्रों के सामने नतमस्तक है। वहीं, अन्य छात्र भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदाताओं को करने के लिए हरसंभव प्रयास करने में जुटे हैं। यहां तक की मतदाताओं से हाथ जोड़कर अपने प्रत्याशी को जीताने की अपील कर रहे हैं।
विज्ञापन
मंगेतर का सपना पूरा करने के लिए छात्रा लड़ रही छात्रसंघ चुनाव
कॉलेज निदेशालय की तरफ से इस बार केवल अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट के चुनाव लड़ने का आदेश जारी किया गया है। नियम आड़े आने के बाद पोस्ट ग्रेजुएट के छात्र रत्तीराम का सपना चुनाव लड़ने का पूरा नहीं हो सका। रतिराम दौसा के स्वर्गीय पंडित नवल किशोर स्नातकोत्तर कॉलेज से पढ़ाई कर रहे है। उन्होंने इसी कॉलेज से पढ़ाई कर रही बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट सपना को छात्रसंघ चुनाव लड़ाने का फैसला किया। सपना से उनकी शादी की बात चल रही थी। लिहाजा रतिराम ने चट मंगनी कर उन्हें अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बना दिया। फिलहाल रतीराम अपनी मंगेतर को जीताने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।