फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Bharatpur News ›   Reservation movement again in Rajasthan Jats of Dholpur-Bharatpur staged a massive protest

राजस्थान में फिर आरक्षण आंदोलन: धौलपुर-भरतपुर के जाटों ने डाला महापड़ाव, ट्रेन रोकने-हाइवे जाम करने की चेतावनी

Wed, 17 Jan 2024 06:27 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर/धौलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर/धौलपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 17 Jan 2024 06:27 PM IST
सार

राजस्थान में एक बार फिर आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू हो गया है। भरतपुर और धौलपुर के जाटों को केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज ने बुधवार से भरतपुर के जयचौली रेलवे स्टेशन के पास महापड़ाव डाल दिया है। सरकार को 22 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है।

विज्ञापन
Reservation movement again in Rajasthan Jats of Dholpur-Bharatpur staged a massive protest
आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का महापड़ाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भरतपुर में जाट समाज द्वारा केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज ने बुधवार से भरतपुर के उच्चैन तहसील के गांव जयचौली रेलवे स्टेशन के पास महापड़ाव शुरू कर दिया है। जाट समाज के लोग टेंट गाड़कर बैठ गए हैं। समाज के लोगों का महापड़ाव पर आना भी शुरू हो गया है। आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार महापड़ाव पर मौजूद हैं। संघर्ष समिति के संरक्षक पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी महापड़ाव स्थल पर आ सकते हैं।

विज्ञापन


भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने केंद्र सरकार को 10 दिन का समय दिया। नेम सिंह फौजदार ने सात जनवरी को हुंकार सभा में कहा था कि भरतपुर-धौलपुर के जाटों को आरक्षण नहीं दिया तो 17 जनवरी को जयचौली (भरतपुर) गांव के पास दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर महापड़ाव डाला जाएगा। अगर सरकार नहीं मानी तो दूसरा पड़ाव बेडम गांव (भरतपुर) और तीसरा रारह (भरतपुर) में होगा। दूसरे और तीसरे पड़ाव की तारीख अभी तय नहीं है। पहले रेल रोकेंगे, इसके बाद रोड जाम करेंगे।
विज्ञापन




2015 में केंद्र से ख़त्म किया था आरक्षण
भरतपुर और धौलपुर जिले के जाटों को केंद्र में आरक्षण दिए जाने की मांग 1998 से चली आ रही है। 2013 में केंद्र की मनमोहन सरकार ने भरतपुर और धौलपुर जिलों के साथ अन्य नौ राज्यों के जाटों को केंद्र में ओबीसी का आरक्षण दिया था। 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेकर 10 अगस्त 2015 को भरतपुर-धौलपुर के जाटों का केंद्र और राज्य में ओबीसी आरक्षण खत्म कर दिया गया। लंबी लड़ाई लड़ने के बाद 23 अगस्त 2017 को पूर्ववर्ती वसुंधरा राज में दोनों जिलों के जाटों को ओबीसी में आरक्षण दिया गया। लेकिन केंद्र ने यह आरक्षण नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व सीएम आरक्षण के लिए केंद्र में कर चुके हैं सिफारिश
सितंबर 2021 में जब जाट समाज ने चक्का जाम का एलान किया था। तब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 28 दिसंबर 2021 को दोनों जिलों के जाटों को केंद्र की ओबीसी में आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश पत्र लिखा था। उसके बाद आरक्षण संघर्ष समिति ने दिल्ली ओबीसी कमीशन से मिली। केंद्र सरकार के मंत्रियों से भी मुलाकात की, लेकिन आरक्षण नहीं मिल सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed