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Rajasthan: 'धर्मांतरण के मामले राजस्थान के लिए चिंताजनक', स्पीकर देवनानी बोले- सरकार को कड़े कानून बनाना चाहिए
Mon, 19 Feb 2024 08:27 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 19 Feb 2024 08:27 PM IST
सार
भरतपुर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा, हर विधायक का लोकतांत्रिक अधिकार है कि वह किस पार्टी में रहना पसंद करता है। मालवीय ने अपना त्याग पत्र मेरे पास भिजवा दिया है। देवनानी ने धर्मांतरण मामले कहा, कानून बनाया जाना चाहिए।
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वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भरतपुर में सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। जहां पर उन्होंने धर्म परिवर्तन मामले को लेकर कहा कि इस क्षेत्र व राजस्थान के लिए धर्म परिवर्तन चिंताजनक है। हमारे समय में हुआ था, तब लगभग कानून भी बनाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन तब सरकार चली गई और पांच साल हम कुछ नहीं कर पाए। अब राज्य सरकार इस विषय की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द ऐसा कोई कानून लाए, जिससे यह चीज रिपीट न हो।
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देवनानी ने कहा, धर्म परिवर्तन समाज में अभिशाप है और जिसके कारण लोग लालच देकर गरीब लोगों का धर्म परिवर्तन करवाते हैं। यह वैधानिक भी है और अनैतिक भी है और गैर कानूनी है, इसको रोका जाना चाहिए। खासकर भरतपुर राजस्थान का पूर्वी द्वार है। इस मौके पर उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि केंद्र सरकार और उनके बीच वार्ता चल रही है। जल्द ही इसका समाधान होगा।
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कांग्रेस के नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय के इस्तीफा को लेकर कहा कि महेंद्र का इस्तीफा मेरे कार्यालय पहुंच गया है। इसकी मैं घोषणा कर सकता हूं। हालांकि, हर विधायक का लोकतांत्रिक अधिकार है कि वह किसी भी पार्टी को ज्वाइन कर सकता है। कभी-कभी उसकी पार्टी से मोह भंग होता है तो दूसरी पार्टी में जाता है। लेकिन जो कुछ भी संसद के विधानसभाओं की जो नियमावली है, उसके तहत कोई भी विधायक दूसरी पार्टी ज्वाइन कर सकता है। उसके अपने विधायक पद से इस्तीफा देना होता है।
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उन्होंने कहा, शुक्रवार को इस्तीफा भेजा है। अभी स्वीकार नहीं किया है, उनसे मिलकर बातचीत होगी और पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद वह अपना त्यागपत्र देंगे तो स्वीकार करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भरतपुर पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने भरतपुर स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर महाराजा सूरजमल की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की और कार्यक्रम में भाग लिया।