Deeg: KYC करने के दौरान राशन डीलर ने नाबालिग से की छेड़छाड़, IG दफ्तर पहुंचे ग्रामीणों की हाइवे जाम की चेतावनी
केवाईसी करने के दौरान राशन डीलर ने नाबालिग से छेड़छाड़ की है। मामला दर्ज होने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर आईजी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने कहा, तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो हाइवे जाम करेंगे।
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डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र में राशन डीलर के द्वारा केवाईसी के दौरान नाबालिग से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। मामला दर्ज होने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण कुम्हेर थाने पहुंचे। थाना प्रभारी के द्वारा संतुष्ट जनक जवाब नहीं देने पर नाराज ग्रामीण भरतपुर आईजी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिन में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो थाने व एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन के साथ-साथ भरतपुर और डीग राजमार्ग को जाम कर देंगे। आईजी ने पीड़ित परिवार को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नाबालिग पीड़िता के पिता ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई 2024 की बात है। गांव के राशन डीलर कुंवर सैन की दुकान पर 17 वर्षीय नाबालिग बेटी केवाईसी कराने अपने भाई के साथ गई थी। जैसे ही भाई बहन राशन डीलर की दुकान पर पहुंचे तो राशन डीलर द्वारा नाबालिग के भाई को 10 रुपये देकर सिगरेट लाने के लिए भेज दिया गया। राशन डीलर द्वारा केवाईसी करते समय नाबालिग को गलत तरीके से टच किया। लेकिन फिर भी नाबालिग ने राशन डीलर की हरकतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। उसके बाद राशन डीलर द्वारा कहा गया फिंगर प्रिंट सही नहीं आ रहे हैं। हाथों को पानी से धोकर आओ। दुकान के अंदर बने टैंक के पास नाबालिग जब हाथ धोने गई तो पीछे से राशन डीलर कुंवर सैन ने पकड़ लिया और छेड़खानी की।
नाबालिग ने शोर मचाया, लेकिन राशन डीलर के द्वारा धमकी दी गई। अगर किसी से यह बात बताई तो मैं तुम्हारे परिवार को जान से खत्म कर दूंगा। इतने में नाबालिग का भाई सिगरेट लेकर वापस आ गया और अपनी बहन को रोते देख कारण पूछा। लेकिन भय के कारण नाबालिग ने कुछ नहीं बताया। 19 जुलाई को दोबारा केवाईसी करने के लिए नाबालिग के माता पिता ने कहा तो उसने मना कर दिया और पूछने पर पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। 27 जुलाई को राशन डीलर के खिलाफ कुम्हेर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। लेकिन अब तक अनुसंधान अधिकारी के द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई और लगातार आरोपी के द्वारा राजीनामा का दबाव बनाया जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिसके चलते आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गुरुवार के दिन जब कार्रवाई की मांग को लेकर के कुम्हेर थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी आध्यात्म गौतम के द्वारा संतुष्ट जनक जवाब नहीं दिया गया। उसके बाद ग्रामीण आईजी कार्यालय पहुंचे, जहां आईजी राहुल प्रकाश को ज्ञापन दिया और कार्रवाई की मांग की। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह थाने और एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और साथ ही डीग-भरतपुर राजमार्ग को जाम करेंगे। आईजी राहुल प्रकाश ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। कुम्हेर थाना प्रभारी आध्यात्म गौतम ने कहा कि मामले का अनुसंधान किया जा रहा है। जांच पूरी होने पर ही कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगों से 14 हथियार और 24 कारतूस जब्त
भरतपुर रेंज के डीग जिले की पहाड़ी थाना पुलिस और DST टीम ने साइबर ठगों को गिरफ्तार कर अवैध हथियार जब्त किए हैं। साइबर ठग हथियार बेचने का झांसा देकर लोगों को फंसाने के लिए अपने पास हथियार रखते थे। 4 साइबर ठगों से 315 बोर के 12 देसी कट्टा, 315 बोर का 1 पौना, 32 बोर की 1 पिस्टल, 315 बोर के 9 कारतूस, 12 बोर के 15 कारतूस, 4 नकली पिस्टल, 6 मोबाइल जब्त किए हैं।
पहाड़ी थाना अधिकारी बनी सिंह ने बताया कि 21 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर एक टीम का गठन कर मूंगस्का का पहाड़ों की तलहटी में कूंचों के अंदर भेजी। जहां सुनसान जगह 4 युवक मिले। उन्हें पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा। जिसके बाद चारों युवकों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान चारों युवकों से 315 बोर के 12 देसी कट्टा, 315 बोर का 1 पौना, 32 बोर की 1 पिस्टल, 315 बोर के 9 कारतूस, 12 बोर के 15 कारतूस, 4 नकली पिस्टल, 6 मोबाइल मिले। जिन्हें जब्त कर लिया गया।
पुलिस की टीम चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लेकर आई। जिसके बाद चारों युवकों से पूछताछ की गई तो, पता लगा कि चारों युवक साइबर ठग हैं। जो, ऑनलाइन हथियारों की होम डिलीवरी करने के लिए सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालते हैं और, लोगों से ठगी करते हैं। वह सोशल मीडिया पर हथियारों की फोटो डालते हैं इसलिए उन्होंने हथियार अपने पास रखे हुए हैं। आरोपियों से जब्त हुए मोबाइलों में साइबर ठगी करने का डाटा भी मिला है। आरोपियों की एक गैंग है जो, ऑनलाइन हथियार बेचने के नाम पर साइबर ठगी करती है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को हथियार उपलब्ध करवाने वाले हथियारों तस्करों के बारे में पता कर रही है।