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Bharatpur News: दुष्कर्म के बाद नाबालिग ने की थी आत्महत्या; पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को सुनाई आजीवन कारावास
Thu, 29 Aug 2024 10:24 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 29 Aug 2024 10:24 PM IST
सार
भरतपुर की विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने दुष्कर्म के मामले में दोषी दीपक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला 2021 का है, जब 15 वर्षीय नाबालिग के पिता ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज करवाया था।
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दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भरतपुर पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश ग्रजेश ओझा ने दुष्कर्म के के मामले में फैसला सुनते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दुष्कर्म के बाद नाबालिग ने जंगल में सुसाइड कर लिया था। नाबालिग के पिता ने बेटी के साथ हत्या और दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था।
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विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 के सरकारी अधिवक्ता तरुण जैन ने बताया कि 6 मई 2021 को 15 साल की नाबालिग के पिता ने रूपवास थाने में मामला दर्ज करवाया था। शिकायत में बताया था कि देर रात करीब 12 बजे दीपक नाम युवक घर से मेरी बेटी का अपहरण करके ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बात का पता दीपक के पिता को लगा तो दीपक और उसके पिता ने मिलकर मेरी बेटी की हत्या कर दी। सुबह जब परिवार के लोगों ने नाबालिग की तलाश की तो जंगल में उसकी लाश मिली।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 6 मई को नाबालिग का शव जंगल में बबूल के पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था। जांच में यह सामने आया कि दीपक और नाबालिग के बीच प्रेम प्रसंग था। पांच मई की रात को दोनों जंगल में मिले। नाबालिग परिजनों के डर के कारण घर पर नहीं गई। दोनों रात को जंगल में ही सो गए। सुबह दीपक के परिजन उसकी तलाश करते हुए जंगल में पहुंचे। वहां उन्होंने अपने पुत्र को नाबालिक के साथ देखा। उन्होंने उसे घर जाने को कहकर वहां से भेज दिया। नाबालिग ने परिजनों के डर की वजह से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले को लेकर विशिष्ट पोक्सो संख्या एक ने युवक को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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