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Keoladeo National Park: पर्यटक पहुंच रहे विदेशी पक्षियों को निहारने, हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे पक्षी
Mon, 25 Dec 2023 07:41 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 25 Dec 2023 07:41 PM IST
सार
Keoladeo National Park: भरतपुर जिले में स्थित केवलादेव नेशनल पार्क में इन दिनों पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। पर्यटक विदेशी पक्षियों को निहारने पहुंच रहे हैं।
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पार्क में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वैसे-वैसे भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को 15 से भी ज्यादा देसी और विदेशी पर्यटक केवलादेव घना पक्षी बिहार में पहुंचे। जहां उन्होंने विदेशी पक्षियों की अटखेलियां देखी।
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विदेशी हर साल केवलादेव नेशनल पार्क में सर्दियों का लुत्फ उठाने आते हैं। वहीं कुछ पर्यटक ऐसे भी हैं, जिन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। क्योंकि अब राज्य सरकार के आदेश के बाद जो भी पर्यटक ई-रिक्शा से केवलादेव घना पक्षी बिहार घूमना चाहता है। उसे गाइड भी करना होगा। सर्दी बढ़ने के साथ ही हजारों की संख्या में विदेशी पक्षी केवलादेव नेशनल पार्क के अंदर डेरा डाले हुए हैं।
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इस समय पार्क के अंदर चाइना कूट, सबलर, इंडियन सारस, ओपन बिल स्टोर्क, स्पून बिल, परपल हेरन सहित कई विदेशी प्रजातियों के पक्षी आये हुए हैं। जो हजारों किलोमीटर का सफर तय कर सर्दी का आनंद लेने भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में आते हैं। विदेशी पक्षियों को देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक केवलादेव नेशनल पार्क में पहुंच रहे हैं।
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वहीं, कुछ पर्यटकों को केवलादेव नेशनल पार्क से मायूस लौटना पड़ रहा है। क्योंकि राज्य सरकार के आदेश के बाद ई-रिक्शा लेने वाले पर्यटकों को गाइड भी हायर करना होगा। गाइड के उन्हें आठ सौ रुपये देने होंगे। अगर पर्यटक ई-रिक्शा नहीं लेते तो वह पैदल केवलादेव नेशनल पार्क घूम सकते हैं।
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विदेशी हर साल केवलादेव नेशनल पार्क में सर्दियों का लुत्फ उठाने आते हैं। वहीं कुछ पर्यटक ऐसे भी हैं, जिन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। क्योंकि अब राज्य सरकार के आदेश के बाद जो भी पर्यटक ई-रिक्शा से केवलादेव घना पक्षी बिहार घूमना चाहता है। उसे गाइड भी करना होगा। सर्दी बढ़ने के साथ ही हजारों की संख्या में विदेशी पक्षी केवलादेव नेशनल पार्क के अंदर डेरा डाले हुए हैं।
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इस समय पार्क के अंदर चाइना कूट, सबलर, इंडियन सारस, ओपन बिल स्टोर्क, स्पून बिल, परपल हेरन सहित कई विदेशी प्रजातियों के पक्षी आये हुए हैं। जो हजारों किलोमीटर का सफर तय कर सर्दी का आनंद लेने भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में आते हैं। विदेशी पक्षियों को देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक केवलादेव नेशनल पार्क में पहुंच रहे हैं।
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वहीं, कुछ पर्यटकों को केवलादेव नेशनल पार्क से मायूस लौटना पड़ रहा है। क्योंकि राज्य सरकार के आदेश के बाद ई-रिक्शा लेने वाले पर्यटकों को गाइड भी हायर करना होगा। गाइड के उन्हें आठ सौ रुपये देने होंगे। अगर पर्यटक ई-रिक्शा नहीं लेते तो वह पैदल केवलादेव नेशनल पार्क घूम सकते हैं।