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डीग हत्याकांड: भाई की मौत के बाद क्लेम मिलने के बाद रची थी पिता की हत्या की साजिश, पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
Mon, 27 Dec 2021 09:53 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 27 Dec 2021 09:53 PM IST
सार
बीमा का पैसा पाने के लिए पिता की हत्या करने वाले युवक से पूछताछ में पुलिस को नई जानकारी मिली है। उसने बताया है कि वह करीब एक साल से इसकी योजना बना रहा था और इसका विचार उसे अपनी भाई की मौत के बाद आया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
बीमा दावे से मिलने वाली राशि के लालच में साथियों के साथ अपने ही पिता की हत्या करने वाले युवक ने पूछताछ में बताया है कि यह विचार उसके दिमाग में कैसे आया था। मामला भरतपुर जिले के डीग कोतवाली क्षेत्र का है जहां शुक्रवार की रात पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन पुलिस को एक अधेड़ का शव मिला था। बाद में पता चला था कि गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में से एक इसी अधेड़ का बेटा था जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।
मृतक की पहचान मोहकम सिंह जाटव (58) के रूप में और गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान राजेश सिंह जाटव (30) पुत्र मोहकम, विजेंद्र जाटव (27) पुत्र पूरन निवासी सहारई कॉलोनी डीग और कान्हा जाटव (22) पुत्र अमर सिंह निवासी मथुरा उत्तर प्रदेश के रूप में हुई थी। राजेश ने अपने पिता का कुछ दिन पहले ही 40 लाख का बीमा करवाया था और इसके दावे की राशि पाने के लिए उसने अपने दो दोस्तों को सुपारी देकर अपने ही पिता को मार कर मौत को हादसे जैसा दिखाने की योजना बनाई थी।
भाई की मौत के बाद आया विचार, एक साल से रच रहा था साजिश
पुलिस के अनुसार पूछताछ में राजेश ने बताया है कि यह विचार उसके दिमाग में कैसे आया। राजेश के भाई रूपकिशोर की एक हादसे में मौत हो गई थी और उसकी पत्नी व बच्चों को बीमा कंपनी की ओर से काफी राशि मिली थी। यह देखने के बाद उसके दिमाग में अपने पिता की हत्या करने का विचार आया। उसने सोचा कि पिता की मौत को हादसा दिखाकर बीमा कंपनी से अच्छा-खासा पैसा वसूल लेगा। अपने इस मंसूबे को लेकर वह लगभग एक साल से अपने पिता की हत्या करने की योजना बना रहा था।
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एक महीने पहले भी हुआ था मोहकम पर हमला, राजेश पर ही शक
इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने सुपारी लेकर हत्या करने वाले लोगों की तलाश शुरू की। चार महीने पहले उसकी बात विजेंद्र और कान्हा से हुई जो बीमा के दावे से मिलने वाली राशि में हिस्सा पाने की बात तय कर उसकी योजना में शामिल हो गए। साथी मिलते ही राजेश ने चार अलग-अलग बैंकों में अपने पिता के 40 लाख के बीमा करवाए। एक महीने पहले भी मोहकम पर गांव के बाहर खेत में हमला हुआ था। यह नहीं पता चल पाया था कि हमला किसने किया है। इसका शक भी राजेश पर है।
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मृतक की पहचान मोहकम सिंह जाटव (58) के रूप में और गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान राजेश सिंह जाटव (30) पुत्र मोहकम, विजेंद्र जाटव (27) पुत्र पूरन निवासी सहारई कॉलोनी डीग और कान्हा जाटव (22) पुत्र अमर सिंह निवासी मथुरा उत्तर प्रदेश के रूप में हुई थी। राजेश ने अपने पिता का कुछ दिन पहले ही 40 लाख का बीमा करवाया था और इसके दावे की राशि पाने के लिए उसने अपने दो दोस्तों को सुपारी देकर अपने ही पिता को मार कर मौत को हादसे जैसा दिखाने की योजना बनाई थी।
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भाई की मौत के बाद आया विचार, एक साल से रच रहा था साजिश
पुलिस के अनुसार पूछताछ में राजेश ने बताया है कि यह विचार उसके दिमाग में कैसे आया। राजेश के भाई रूपकिशोर की एक हादसे में मौत हो गई थी और उसकी पत्नी व बच्चों को बीमा कंपनी की ओर से काफी राशि मिली थी। यह देखने के बाद उसके दिमाग में अपने पिता की हत्या करने का विचार आया। उसने सोचा कि पिता की मौत को हादसा दिखाकर बीमा कंपनी से अच्छा-खासा पैसा वसूल लेगा। अपने इस मंसूबे को लेकर वह लगभग एक साल से अपने पिता की हत्या करने की योजना बना रहा था।
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एक महीने पहले भी हुआ था मोहकम पर हमला, राजेश पर ही शक
इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने सुपारी लेकर हत्या करने वाले लोगों की तलाश शुरू की। चार महीने पहले उसकी बात विजेंद्र और कान्हा से हुई जो बीमा के दावे से मिलने वाली राशि में हिस्सा पाने की बात तय कर उसकी योजना में शामिल हो गए। साथी मिलते ही राजेश ने चार अलग-अलग बैंकों में अपने पिता के 40 लाख के बीमा करवाए। एक महीने पहले भी मोहकम पर गांव के बाहर खेत में हमला हुआ था। यह नहीं पता चल पाया था कि हमला किसने किया है। इसका शक भी राजेश पर है।