किताबों में रेप के आरोपी आसाराम 'महान संत'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के कुछ स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नाबालिग से रेप के आरोपी आसाराम को महान संत बताकर पढ़ाया जा रहा है। हैरत की बात ये है कि ये ज्यादातर स्कूल जोधपुर में ही है जहां आसाराम दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इससे पहले मध्यप्रदेश में भी कुछ स्कूलों की किताबों में मुशर्रफ को महानपुरुष बताया गया था।
जोधपुर के लगभग 80 स्कूलों में दुष्कर्म के आरोपी आसाराम को गौतमबुद्ध, महावीर स्वामी, गुरु नानक देव, कबीर, स्वामी विवेकानंद और मदर टेरेसा के समतुल्य रखते हुए महान संत बताया गया है।
नया उजाला नाम की इस किताब को दिल्ली के गुरुकुल एजुकेशन बुक्स ने प्रकाशित किया है। हैरत की बात ये है कि एनसीईआरटी के सीसीई पैटर्न के आधार पर इस किताब का प्रकाशन किया गया है।
प्रकाशक ने कहा पांच साल पुरानी है किताब
किताब के 40वें पन्ने पर 'देश के प्रसिद्ध संत' नामक शीर्षक से कुछ महापुरुषों के चित्र दिए गए हैं, जिसमें बताया गया है कि 'हमारे देश में बहुत से महान पुरुष हुए हैं जिन्होंने देश के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
यहां कुछ संतों के चित्र दिए गए हैं उनके आगे उनका नाम लिखिए।' सामान्य ज्ञान की इस पुस्तक के सामने आने के बाद अब इस पर विवाद शुरू हो गया है।
जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि इस पुस्तक में आसाराम को संत बताकर पढ़ाने वाले स्कूलों को नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं पुस्तक के प्रकाशक का कहना है कि यह किताब पांच साल पुरानी है उस समय आसाराम के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं था।
किस आधार पर दी गई पुस्तक में जगह
सवाल यह भी है कि आसाराम के खिलाफ तो पांच साल पहले से भी इस तरह के आरोप लगते रहे हैं, उनके आश्रम से दो बच्चों के गायब होने का मामला तो सात आठ साल पुराना है।
दूसरा यह भी सवाल भी बड़ा है कि किताब के लेखक और प्रकाशक ने किस आधार पर आसाराम की तुलना महात्मा बुद्ध, महावीर स्वामी, संत कबीर, गुरु नानक देव, स्वामी विवेकानंद और मदर टेरेसा जैसे महान संतों से कर दी।
गौरतलब है कि इससे पहले मध्यप्रदेश के कुछ स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबों में भी कारगिल के खलनायक और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भी महान शख्सियत बताया गया था।